Saraikela: जिले की प्रमुख चांडिल–गिद्दीबेड़ा सड़क की बदहाल स्थिति से राहगीरों की परेशानी लगातार बढ़ रही है. करीब साढ़े छह किलोमीटर लंबी इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, उड़ती धूल और अधूरा निर्माण लोगों के लिए मुसीबत बन गया है. आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जबकि चांडिल डैम की मुख्य नहर के किनारे क्षतिग्रस्त बैरिकेडिंग के कारण भी हादसों का खतरा बना हुआ है.
जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष 2 दिसंबर को क्षेत्रीय विधायक सविता महतो ने करीब 8.5 करोड़ रुपये की लागत से सड़क के राइडिंग सुधार कार्य का शिलान्यास किया था. बाद में परियोजना की लागत बढ़ाकर करीब 11 करोड़ रुपये कर दी गई. निर्माण कार्य मार्च तक पूरा होना था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी काम अधूरा है और पिछले कुछ समय से लगभग बंद पड़ा है. बताया जा रहा है कि दोबारा टेंडर होने के बावजूद काम में अपेक्षित तेजी नहीं आई है.
बढ़ा हादसों का खतरा
यह सड़क चांडिल, नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड के हजारों लोगों को जिला मुख्यालय, सदर अस्पताल, जिला न्यायालय, स्कूल, प्रखंड कार्यालय, बालिका आवासीय विद्यालय, अग्निशमन केंद्र और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों से जोड़ती है. हर दिन हजारों छोटे-बड़े वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं. स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि सड़क पर कई जगह दो से ढाई फीट तक गहरे गड्ढे बन गए हैं. सड़क पर उड़ने वाली धूल के कारण दोपहिया चालक, पैदल राहगीर और आसपास रहने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं. दुकानों और घरों में धूल भर रही है, जिससे लोगों को मास्क या रूमाल बांधकर निकलना पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों की प्रशासन ये है मांगे
चांडिल जलाशय की मुख्य नहर के किनारे लगी सुरक्षा बैरिकेडिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है. हाल ही में एक वाहन नहर में गिर गया था. हालांकि उस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़क के कारण कई बाइक सवार दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं. उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने, गड्ढों की मरम्मत करने और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके.
ALSO READ: गुमला: 12 दिनों से लापता 19 वर्षीय युवक का कुएं से मिला सड़ा-गला शव, इलाके में फैली सनसनी
