Bokaro: बोकारो वासियों का हवाई सफर का सपना लंबे समय से अटका हुआ है, लेकिन एक बार फिर इस दिशा में हलचल तेज हो गई है. नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) के प्रस्तावित फाइनल निरीक्षण से ठीक पहले बोकारो एयरपोर्ट का फिर से उच्चस्तरीय संयुक्त निरीक्षण किया गया. डीसी अजय नाथ झा ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और बोकारो स्टील प्लांट के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एयरपोर्ट परिसर की तैयारियों का जायजा लिया.
निरीक्षण में क्या-क्या जांचा गया?
संयुक्त टीम ने एयरपोर्ट के हर महत्वपूर्ण हिस्से का बारकी से मुआयना किया, जिसमें शामिल हैं.
रनवे और एप्रन: टेकऑफ और लैंडिंग से जुड़े तकनीकी मानकों को देखा गया
- – पैसेंजर टर्मिनल और बोर्डिंग एरिया: यात्रियों की सुविधाओं, बैठने की व्यवस्था और सिक्योरिटी चेकिंग प्वाइंट्स का जायजा लिया गया.
- – बाउंड्री और परिसर की सफाई: रनवे के आसपास उगी घास-झाड़ियों की तुरंत सफाई करने और परिसर को पूरी तरह साफ-सुथरा रखने के सख्त निर्देश दिए गए.
- – डीसी ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऑपरेशन और मेंटेनेंस से जुड़े सभी छोटे-बड़े काम समय पर पूरे कर लिए जाएं ताकि DGCA की जांच के दौरान कोई खामी सामने न आए.
वही पुराना सवाल: क्या इस बार साफ होगी उड़ान की राह?
बोकारो के लोगों के लिए यह कोई पहला निरीक्षण नहीं है। इससे पहले भी कई बार जिला प्रशासन, AAI और BSL के अधिकारियों ने संयुक्त दौरा किया है. हर बार निरीक्षण के बाद ‘जल्द उड़ान शुरू होने’ के दावे किए जाते हैं, लेकिन लाइसेंस मिलने और फ्लाइट्स शुरू होने का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. स्थानीय निवासियों का कहना है कि अब निरीक्षणों का सिलसिला बंद होना चाहिए और नतीजे सामने आने चाहिए.
उड़ान शुरू होने से बोकारो को क्या फायदा होगा?
अगर DGCA की हरी झंडी मिलती है और उड़ान योजना के तहत बोकारो से हवाई सेवाएं शुरू होती हैं, तो बोकारो के लोगों को कोलकाता, पटना और रांची जैसे शहरों के लिए सीधी फ्लाइट्स मिल सकती हैं. इसके अलावा स्टील सिटी बोकारो में उद्योग-धंधों और नए निवेश को रफ्तार मिलेगी. साथ ही साथ बोकारो एयरपोर्ट चालू होने से सिर्फ बोकारो ही नहीं, बल्कि धनबाद, गिरिडीह और रामगढ़ के लोगों को भी काफी सहूलियत होगी.
