Seraikela: अवैध महुआ भट्ठियों से उजड़ रहे जंगल, जावा खाकर उत्पात मचा रहे गजराज

Seraikela: सरायकेला-खरसावां जिले के विभिन्न प्रखंडों में अवैध महुआ शराब का कारोबार तेजी से फैल रहा है. दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी और...

Seraikela: सरायकेला-खरसावां जिले के विभिन्न प्रखंडों में अवैध महुआ शराब का कारोबार तेजी से फैल रहा है. दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी और आसपास के जंगलों की तराई में संचालित मिनी भट्ठियां न सिर्फ जंगलों को नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि हाथियों के लिए भी खतरा बनती जा रही हैं.

ग्रामीणों का आरोप है कि महुआ शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले जावा (रासायनिक अवशेष) को खाकर हाथी नशे में गांवों में घुस रहे हैं और उत्पात मचा रहे हैं. इससे फसलों और घरों को नुकसान पहुंच रहा है.

जंगलों की अंधाधुंध कटाई, वन क्षेत्र हो रहा बंजर

स्थानीय लोगों के अनुसार अवैध भट्ठियों में शराब बनाने के लिए गैस की जगह जंगल से काटी गई लकड़ियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. प्रतिदिन भारी मात्रा में पेड़ों की कटाई हो रही है, जिससे जंगल तेजी से बंजर होते जा रहे हैं.

इससे वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास भी प्रभावित हो रहा है और भोजन-पानी की कमी के कारण हाथी रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं.

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विभागों की चुप्पी पर सवाल, कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि जिला पुलिस, मद्य उत्पाद विभाग और वन विभाग को इस अवैध कारोबार की जानकारी होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि जहां सूखी लकड़ी लाने पर ग्रामीणों को रोका जाता है, वहीं अवैध भट्ठियों में सैकड़ों पेड़ों की कटाई पर विभाग मौन क्यों है.

ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध महुआ भट्ठियों पर तत्काल रोक लगाने और जंगलों की कटाई पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.

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