Ranchi: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि शिक्षकों का मुख्य दायित्व विद्यार्थियों को शिक्षा देना है, इसलिए उन्हें निर्वाचन कार्यों में न्यूनतम स्तर पर ही लगाया गया है. हालांकि, निर्वाचन विभाग में कर्मियों की सीमित संख्या के कारण जरूरत पड़ने पर अन्य विभागों के कर्मचारियों और विशेष परिस्थितियों में शिक्षकों की भी प्रतिनियुक्ति की जाती है. उन्होंने कहा कि हर पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, ताकि कोई भी अपने मताधिकार से वंचित न रहे.
शिक्षकों को कम से कम निर्वाचन कार्य में लगाया गया
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि विभिन्न माध्यमों से यह जानकारी मिली है कि वोलेंटियर के रूप में कार्यरत शिक्षकों को शिक्षण कार्य के साथ मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) में बीएलओ की सहायता करने में कठिनाई हो रही है. इसे देखते हुए स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों को केवल आवश्यकता पड़ने पर ही इस कार्य में लगाया गया है.

प्रवासी मजदूर और दस्तावेजों की कमी बड़ी चुनौती
उन्होंने अपने क्षेत्रीय दौरे का हवाला देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में पात्र नागरिक, खासकर प्रवासी मजदूर, आधार कार्ड जैसे दस्तावेज नहीं होने के कारण अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं. जबकि मतदाता बनने के लिए भारतीय नागरिक होना, 18 वर्ष की आयु पूरी करना और संबंधित क्षेत्र का सामान्य निवासी होना ही पर्याप्त है. ऐसे मामलों में निर्वाचन पदाधिकारी सुनवाई के बाद भी नाम जोड़ सकते हैं.
वोलेंटियर्स की भूमिका हुई स्पष्ट
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार वोलेंटियर्स वृद्ध, दिव्यांग, बीमार, गरीब और अन्य कमजोर वर्ग के मतदाताओं की सहायता करेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो. इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.
मुख्य जिम्मेदारियां
1. अनमैप्ड मतदाताओं की पहचान और सहायता
वोलेंटियर्स बीएलओ के साथ मिलकर अनमैप्ड मतदाताओं की पहचान करेंगे, आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी देंगे और इन्यूमरेशन फॉर्म भरवाने में सहयोग करेंगे.
2. नए पात्र मतदाताओं का नामांकन
18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं और अब तक मतदाता सूची से बाहर रह गए पात्र नागरिकों का नाम जुड़वाने में सहायता करेंगे. विशेष रूप से ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी जो दस्तावेजों के अभाव में अब तक मतदाता नहीं बन सके हैं.
3. बीएलओ-बीएलए2 बैठकों का रिकॉर्ड तैयार करना
जहां बीएलओ को दस्तावेजीकरण में कठिनाई हो, वहां वोलेंटियर्स बैठक की कार्यवाही दर्ज करने में सहयोग करेंगे.
4. एएसडीडी सूची तैयार कराने में सहयोग
बीएलओ को निर्धारित प्रारूप में मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और अन्य श्रेणियों की सूची तैयार करने एवं उसे अंतिम रूप देने में सहायता करेंगे.
5. मतदाता जागरूकता अभियान
पोस्टर, पर्चे और अन्य प्रचार सामग्री के माध्यम से पात्र नागरिकों के बीच मतदाता जागरूकता फैलाएंगे.
6. क्षेत्रीय समस्याओं की सूचना देना
यदि किसी बीएलओ को स्वास्थ्य, तकनीकी या अन्य कारणों से कार्य में परेशानी हो या किसी प्रकार का अनुचित दबाव बनाया जा रहा हो, तो वोलेंटियर्स इसकी जानकारी संबंधित एईआरओ, ईआरओ या डीईओ को देंगे. साथ ही यदि कोई अपात्र व्यक्ति गलत जानकारी देकर मतदाता बनने की कोशिश करता है तो उसकी भी सूचना अधिकारियों को दी जाएगी. हालांकि वोलेंटियर्स बीएलओ ऐप पर डेटा एंट्री या संचालन का कार्य नहीं करेंगे.


