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टीबी मुक्त कोडरमा का लक्ष्य, चार माह के अभियान को लेकर जिला यक्ष्मा विभाग ने कसी कमर

Koderma: जिले को “टीबी मुक्त” बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी तेज कर दी है. राज्य स्तर से कोडरमा जिले को...

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Koderma: जिले को “टीबी मुक्त” बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी तेज कर दी है. राज्य स्तर से कोडरमा जिले को टीबी उन्मूलन के लिए चार माह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसी को लेकर जिला यक्ष्मा विभाग ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है.

जिला यक्ष्मा पदाधिकारी ने की कार्यक्रम की समीक्षा

7 अगस्त को जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रमन कुमार की अध्यक्षता में माह जुलाई 2026 की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिला यक्ष्मा केंद्र और विभिन्न प्रखंडों में कार्यरत एनटीईपी कर्मियों ने भाग लिया. बैठक में यक्ष्मा कार्यक्रम की प्रगति, मरीजों की पहचान, जांच, उपचार और अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की समीक्षा की गई.

पंचायत स्तर तक चलेगा टीबी उन्मूलन अभियान

डॉ. रमन कुमार ने बताया कि टीबी मुक्त कोडरमा अभियान के तहत प्रखंड और पंचायत स्तर पर टीबी फोरम की बैठक आयोजित की जाएगी. इलाजरत सभी टीबी मरीजों का गृह भ्रमण किया जाएगा. इसके अलावा टीबी मरीजों के संपर्क में आए लोगों की स्क्रीनिंग कर जरूरत के अनुसार टीपीटी (टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट) उपलब्ध कराया जाएगा.

हर सप्ताह आयोजित होंगे टीबी स्क्रीनिंग कैंप

अभियान के तहत प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हर सप्ताह हैंडहेल्ड एक्स-रे के माध्यम से तीन टीबी स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए जाएंगे. वहीं सीएचओ और सहिया को यक्ष्मा कार्यक्रम के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों को भी टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़ा जाएगा.

सहिया हर माह करेंगी टीबी संदिग्ध मरीजों की पहचान

बैठक में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिले की प्रत्येक सहिया हर महीने कम से कम 5 टीबी संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनकी बलगम जांच सुनिश्चित कराएं. साथ ही एसटीएलएस को प्रत्येक मासिक बैठक में सहियावार आंकड़े प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया.

निक्षय पोर्टल पर समय पर होगी मरीजों की एंट्री

डॉ. रमन कुमार ने सभी एसटीएलएस को निर्देश दिया कि नए पंजीकृत टीबी मरीजों की जानकारी समय पर निक्षय पोर्टल और “यक्ष्मा आरोग्य मित्र” ऐप में दर्ज की जाए. उन्होंने कहा कि मरीजों का नियमित गृह भ्रमण कर उनके संपर्क में आए लोगों की टीबी स्क्रीनिंग कराई जाए और जरूरत पड़ने पर टीपीटी दवा उपलब्ध कराई जाए.

लंबित रिपोर्ट 14 अगस्त तक पूरा करने का निर्देश

बैठक में एचआईवी, शुगर, बीएमआई, जियो-टैगिंग, डिफरेंशिएटेड टीबी केयर सहित अन्य लंबित प्रविष्टियों को 14 अगस्त 2026 से पहले पूरा करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा वर्ष 2026 में पंजीकृत टीबी मरीजों का पंचायत और गांव स्तर का आंकड़ा तैयार कर एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि संबंधित क्षेत्रों में हैंडहेल्ड एक्स-रे के माध्यम से जांच अभियान चलाया जा सके.

निजी चिकित्सकों से समन्वय बढ़ाने के निर्देश

बैठक में निजी चिकित्सकों द्वारा टीबी मरीजों के कम नोटिफिकेशन पर भी चर्चा हुई. डीपीपीएम कोऑर्डिनेटर और एसटीएस को निजी चिकित्सकों से संपर्क कर लंबित प्रविष्टियां पूरी कराने का निर्देश दिया गया. साथ ही निजी चिकित्सकों को टीबी उन्मूलन कार्यक्रम से जोड़ने और जागरूक करने पर जोर दिया गया.

बैठक में ये लोग रहे मौजूद

बैठक में संजय वर्मा, अखिलेश कुमार, अनु पाण्डेय, आदित्य कुमार, दिपेश कुमार, प्रकाश कुमार रवि, सुनीता कुमारी, सालिक जफर, वन्दना सिंह, सुरेश प्रसाद, धीरेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी, प्रतिभा नारायण, विकास कुमार, अजय कुमार, आशीष पाण्डेय, अनिल कुजूर, प्रवीण कुमार रवानी सहित अन्य संबंधित कर्मी मौजूद रहे.

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