Hazaribagh: हजारीबाग जिले के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि सामने आई है. लंबे इंतजार के बाद बरकट्ठा में केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत होने जा रही है. इसके साथ ही हजारीबाग जिले को दूसरा केंद्रीय विद्यालय मिलने का रास्ता साफ हो गया है. केंद्रीय विद्यालय संगठन के तहत संचालित होने वाले इस विद्यालय में नामांकन प्रक्रिया इसी सप्ताह शुरू होने की संभावना है. विद्यालय के शुरू होने से बरकट्ठा समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी.
बेलकप्पी के अस्थायी भवन से होगी शुरुआत
प्रारंभिक चरण में केंद्रीय विद्यालय का संचालन उत्क्रमित बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय, बेलकप्पी (टोला बंडासिंगा), बरकट्ठा के अस्थायी परिसर से किया जाएगा. विद्यालय में पठन-पाठन शुरू करने के लिए शैक्षणिक एवं प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं. नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ही नियमित कक्षाओं का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा.

शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति, हजारीबाग के प्राचार्य को अतिरिक्त जिम्मेदारी
विद्यालय के संचालन के लिए मुकेश कुमार यादव को प्रधानाध्यापक, सुरेन्द्र प्रसाद सुमन एवं राज कुमार यादव को प्राथमिक शिक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है. वहीं पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, हजारीबाग की प्राचार्य अंकिता शर्मा को केंद्रीय विद्यालय, बरकट्ठा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
प्रतिनियुक्त शिक्षकों ने 2 जुलाई 2026 को उपायुक्त हजारीबाग के समक्ष योगदान दिया. इस दौरान उपायुक्त ने नामांकन प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने तथा विद्यालय का संचालन शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए.
एनईपी-2020 के अनुरूप होगी पढ़ाई
प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार यादव ने बताया कि विद्यालय का संचालन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप किया जाएगा. इसमें विद्यार्थियों के समग्र विकास, बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान, अनुभवात्मक शिक्षा, कौशल विकास, समावेशी शिक्षा और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धति पर विशेष जोर रहेगा. उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय बरकट्ठा क्षेत्र के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उनकी प्रतिभा को नई पहचान देने का कार्य करेगा.
हजारीबाग जिले के लिए बड़ी उपलब्धि
अब तक जिले में केवल एक केंद्रीय विद्यालय संचालित हो रहा था. बरकट्ठा में दूसरे केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत से जिले की शैक्षणिक व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी. इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सीबीएसई आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने घर के नजदीक उपलब्ध होगी.
अभिभावकों को मिलेगी बड़ी राहत
केंद्रीय विद्यालय खुलने से अब बरकट्ठा और आसपास के परिवारों को बच्चों की पढ़ाई के लिए हजारीबाग, कोडरमा या अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. इससे अभिभावकों का समय और आर्थिक खर्च दोनों कम होंगे तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा.
क्षेत्र में बढ़ेगी शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा
शिक्षा से जुड़े लोगों का मानना है कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से पूरे बरकट्ठा क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल बनेगा. आधुनिक शिक्षण पद्धति, प्रशिक्षित शिक्षकों और राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम के कारण विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी लाभ मिलेगा. आने वाले वर्षों में यह विद्यालय क्षेत्र के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में अपनी पहचान स्थापित कर सकता है.
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