न्यूज वेव खासः झारखंड का हरित कवच: वन विभाग के 115 नर्सरियों में 25 लाख से अधिक पौधों का स्टॉक, एनएमएस से हो रही सटीक मॉनिटरिंग

Ranchi: झारखंड सरकार ने वनों के विस्तार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए अपनी नर्सरियों को डिजिटल रूप से जोड़...

Ranchi: झारखंड सरकार ने वनों के विस्तार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए अपनी नर्सरियों को डिजिटल रूप से जोड़ दिया है. वर्तमान में राज्य के विभिन्न वन प्रमंडलों के तहत आने वाली 115 से अधिक स्थायी और हाई-टेक नर्सरियों में फलदार, इमारती और औषधीय पौधों की विशाल श्रृंखला उपलब्ध है.

किस नर्सरी में क्या है खास?

• महेशपुर नर्सरीः यहां गम्हार के 25,000 पौधे उगाए गए थे, जो सभी वर्तमान में वितरण के लिए तैयार हैं. इसके अलावा अमरूद (2300 उपलब्ध) और अमलतास (1250 उपलब्ध) का भी अच्छा स्टॉक है.
• घड़मारा रिसर्च नर्सरी : यहां अर्जुन के कुल 7,764 पौधे उगाए गए, जिनमें से 4,613 की खपत हो चुकी है और 3,151 पौधे अभी भी उपलब्ध हैं.
• कटमकुक्कू हाई-टेक नर्सरीः इस उन्नत नर्सरी में अमरूद के 15,902 पौधे और आम के 3,584 पौधे उपलब्ध हैं.
• दानवार हाई-टेक नर्सरीः यहां फलदार पौधों का भारी स्टॉक है, जिसमें आम (12,025), आंवला (13,400) और अनार (12,500) पौधे वितरण के लिए बचे हैं.

यह भी पढ़ें : सचिन तेंदुलकर के घर के बाहर उमड़ी भीड़, फैंस का दिखा जबरदस्त उत्साह

पौधों की फलदार प्रजातियों का ब्योरा

फलदार प्रजातियां (आम, अमरूद, अनार): इनकी मांग सबसे अधिक है. कलमी आम और हाइब्रिड अमरूद के पौधों को प्राथमिकता दी गई है ताकि किसानों को त्वरित आय हो सके.
इमारती लकड़ी (सागवान, गम्हार, शीशम): रांची की बुड़मू नर्सरी में सागवान के 19,200 और शीशम के 19,100 पौधे उपलब्ध हैं, जो दीर्घकालिक निवेश के लिए उत्तम हैं.
औद्योगिक एवं औषधीय (अर्जुन, बांस, आंवला): तसर सिल्क उद्योग के लिए अर्जुन के पौधों का वितरण दुमका और चाईबासा क्षेत्रों में तेजी से हो रहा है.

यह भी पढ़ें : पूर्व सीएम रघुवर दास ने जगन्नाथ मंदिर में हत्या और लूट को बताया कानून व्यवस्था की विफलता

फैक्ट फाइल

• कुल उगाए गए पौधे 45,00,000
• कुल खपत/वितरण 18,50,000
• वर्तमान में उपलब्ध पौधे 26,50,000

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *