Ranchi: झारखंड के ग्रामीण इलाकों में सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को हाईटेक सुविधाएं देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. सहकारिता विभाग ने केंद्र प्रायोजित योजना कंप्यूटरलाइजेशन ऑफ पैक्स के तहत राज्य के 1297 प्राथमिक कृषि साख समितियों को पूरी तरह डिजिटल बनाने का फैसला किया है.इस योजना का मुख्य उद्देश्य पैक्स के कामकाज में पारदर्शिता लाना, दस्तावेज़ों का डिजिटलीकरण करना और ग्रामीण विकास की रीढ़ मानी जाने वाली सहकारी समितियों को आधुनिक बनाना है. चुनी जाने वाली कंपनी को 5 साल तक इन उपकरणों की देखरेख और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी संभालनी होगी.
शिकायत निवारण के लिए बनेगा सेंट्रलाइज्ड हेल्पडेस्क
पैक्स में काम करने वाले कर्मचारियों को कंप्यूटर चलाने या तकनीकी खराबी आने पर परेशान न होना पड़े, इसके लिए आपूर्ति करने वाली एजेंसी को एक सेंट्रलाइज्ड हेल्पडेस्क (कस्टमर केयर) बनाना होगा.यह हेल्पडेस्क फोन , ईमेल और वेबसाइट के माध्यम से काम करेगा. जैसे ही कोई शिकायत दर्ज होगी, सॉफ्टवेयर के जरिए एक ‘ट्रबल टिकट’ (शिकायत नंबर) जारी होगा..नियम के मुताबिक, शिकायत मिलने के 7 दिनों के भीतर खराबी को ठीक करना अनिवार्य होगा. अगर कोई तकनीकी समस्या 15 दिनों से अधिक समय तक नहीं सुधरती है, तो कंपनी को वैकल्पिक तौर पर दूसरा सिस्टम (स्टैंडबाय उपकरण) वहां देना होगा ताकि किसानों का काम प्रभावित न हो. ऐसा न करने पर रोजाना के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा.

योजना की खास बातें और शर्तें
- 5 साल की ऑन-साइट वारंटी: आपूर्ति की जाने वाली सभी मशीनों और उनके पार्ट्स पर 5 साल की फुल वारंटी होगी. अगर कोई खराबी आती है, तो कंपनी को अपने खर्च पर उसे बदलना होगा.
- बदलाव पर रोक: आपूर्ति के बाद कंपनी बीच में प्रोसेसर या मदरबोर्ड जैसी मुख्य चीजें अपनी मर्जी से नहीं बदल सकेगी. केवल पूरी तरह नए (100% ओइएम पार्ट्स वाले) मॉडल ही स्वीकार किए जाएंगे, रिफर्बिश या पुराने कंप्यूटर नहीं चलेंगे.
- केंद्रीय नेटवर्क से जुड़ाव: सभी पैक्स को एक सुरक्षित वीपीएन कनेक्शन के जरिए केंद्रीय सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा, जिससे डेटा सुरक्षित रहे और लाइव ट्रैकिंग हो सके.
भुगतान और काम पूरा करने की समय-सीमा
काम को समय पर पूरा करने के लिए सरकार ने दो चरणों में समय-सीमा तय की है. इसके तहत कंपनियों को काम पूरा होने के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा: आदेश मिलने के 45 दिनों के भीतर कंपनी को सभी पैक्स लोकेशंस पर उपकरणों की सुरक्षित डिलीवरी करनी होगी. सही सलामत डिलीवरी होने पर कुल कमर्शियल वैल्यू का 80 फीसदी भुगतान कर दिया जाएगा. डिलीवरी के अगले 15 दिनों के भीतर सभी कंप्यूटरों को इंस्टॉल करके चालू करना होगा. काम पूरी तरह सफल होने पर बचा हुआ 20 फीसदी भुगतान जारी किया जाएगा.
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जिलावार पैक्स की सूची: कहां कितने कंप्यूटर लगेंगे
संताल परगना प्रमंडल
- दुमका: 114 पैक्स (राज्य में सबसे अधिक)
- गोड्डा: 81 पैक्स
- साहिबगंज: 75 पैक्स
- देवघर: 57 पैक्स
- जामतड़ा: 40 पैक्स
- पाकुड़: 47 पैक्स
उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल
- धनबाद: 101 पैक्स
- हजारीबाग: 92 पैक्स
- बोकारो: 76 पैक्स
- गिरिडीह: 73 पैक्स
- चतरा: 47 पैक्स
- रामगढ़: 43 पैक्स
- कोडरमा: 25 पैक्स
दक्षिण छोटानागपुर एवं कोल्हान प्रमंडल
- पूर्वी सिंहभूम: 73 पैक्स
- सरायकेला-खरसावां: 50 पैक्स
- रांची: 28 पैक्स
- पश्चिम सिंहभूम: 26 पैक्स
- लोहरदगा: 24 पैक्स
- खूंटी: 14 पैक्स
पलामू एवं अन्य क्षेत्र
- लातेहार: 60 पैक्स
- गुमला: 43 पैक्स
- सिमडेगा: 51 पैक्स
- पलामू: 35 पैक्स
- गढ़वा: 22 पैक्स


