Update: केंद्र सरकार के मनमाने रवैये के खिलाफ झारखंड में कांग्रेस का ऐलान, सड़क से संसद तक मचेगा घमासान, 27 से राज्यव्यापी होगा आंदोलन

Ranchi: झारखंड के आर्थिक हितों, खनिज अधिकारों और जनता की आस्था पर केंद्र सरकार के कथित हमलों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने...

Update: Congress announces protest in Jharkhand against the Central Government's arbitrary attitude; a massive agitation—spanning from the streets to Parliament—will unfold, with a state-wide movement commencing on the 27th.

Ranchi: झारखंड के आर्थिक हितों, खनिज अधिकारों और जनता की आस्था पर केंद्र सरकार के कथित हमलों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने प्रेस कांफ्रेंस में ऐलान किया है कि केंद्र सरकार के तानाशाही फरमानों के खिलाफ प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक एक व्यापक और आक्रामक जन-आंदोलन चलाया जाएगा. कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि झारखंड की खनिज संपदा और यहां के आदिवासियों-मूलवासियों के हक पर किसी भी तरह का डाका बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

तय की आंदोलन की रूपरेखा

27 अगस्त से कांग्रेस राज्यव्यापी आंदोलन करेगी. इस क्रम में 27 अगस्त को जिला मुख्यालय में एकदिवसीय धरना दिया जाएगा. साथ ही राष्ट्रपति के नाम मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा जाएगा. 7 सितंबर को राज्य स्तरीय धरना लोकभवन के समक्ष दिया जाएगा. 9 से 16 सितंबर के बीच सभी प्रखंड मुख्यालय में धरना दिया जाएगा. आगामी कार्यक्रमों की घोषणा 16 सितंबर के बाद प्रखंड स्तरीय धरना समाप्त होने के बाद की जाएगी. कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि 16 सितंबर के बाद प्रखंड स्तर के धरने समाप्त होने के बाद आगे के और भी कड़े कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी.

झारखंड की अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रहार

प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने केंद्र सरकार पर आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि एमएमडीआर संशोधन विधेयक के जरिए राज्यों के खनिजों पर सेस वसूलने के संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है. झारखंड को वर्ष 2024-25 में खनिज से 1,380 करोड़ और 2025-26 में 7,487.91 करोड़ रुपये की राशि मिली थी, जिससे राज्य की कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को गति मिली थी. खनिजों पर सेस का अधिकार खत्म होने से स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, पेंशन और लोकप्रिय मैया सम्मान योजना जैसी कई जनकल्याणकारी योजनाएं सीधे तौर पर प्रभावित होंगी. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार झारखंड के साथ सौतेला बर्ताव कर रही है और इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा.

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झारखंड की जमीन हमारी, तो तानाशाही निर्देश क्यों?: सुखदेव भगत

सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रदूषण और विस्थापन का भीषण दर्द झारखंड की जनता झेले, लेकिन तानाशाही हुक्म दिल्ली से चले, यह बिल्कुल अस्वीकार्य है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने राज्यों को सेस लगाने का अधिकार दिया है, तो क्या मोदी सरकार अदालत से भी ऊपर हो गई है? खनन की सीमा को 10 किलोमीटर से बढ़ाकर असीमित किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा गया कि इससे राज्य में विस्थापन की समस्या विकराल रूप ले लेगी. संशोधन के बाद झारखंड को लगभग 14,656 करोड़ रुपये के सालाना नुकसान का अनुमान है. भाजपा सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा गया कि वे वोट झारखंड से लेते हैं लेकिन गुणगान दिल्ली के आकाओं का करते हैं.

आस्था के नाम पर बड़ा घोटाला

भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा गया कि जनता के चंदे की चोरी की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराने के बजाय एसआईटी से कराई जा रही है, जबकि गैर-भाजपा शासित राज्यों में हर छोटे मामले में सीबीआई की मांग की जाती है. कांग्रेस ने तंज कसा कि राम मंदिर बनने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेते हैं, लेकिन जब चंदा चोरी की बात आती है तो पूरी जिम्मेदारी से भाग खड़े होते हैं.

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