Ranchi: 18वीं लोकसभा के अब तक के कार्यकाल में देश की सर्वोच्च पंचायत यानी संसद में जनता के मुद्दों की गूंज किस स्तर पर रही है, इसके आंकड़े हैरान करने वाले हैं. संसद की कार्यवाही के दौरान देश भर के सांसदों ने कुल 35,476 तारांकित और अतारंकित सवाल पूछे. इस आंकड़े में झारखंड के सांसदों की हिस्सेदारी मात्र सिर्फ 766 सवालों की रही है. कुल 35,476 सवालों के मुकाबले झारखंड के सांसदों द्वारा पूछे गए 766 सवाल महज 2.15% बैठते हैं. पलड़ा पूरी तरह से भाजपा के पक्ष में झुका हुआ है.

भाजपा के सांसदों ने मिलकर सबसे ज्यादा सवाल पूछे. यदि क्षेत्रीय दलों और गठबंधन के अन्य घटकों की बात की जाए, तो व्यक्तिगत तौर पर कुछ सांसदों की संख्या कम रही, लेकिन सामूहिक रूप से झामुमो और कांग्रेस के सांसदों ने भी अपने-अपने अंदाज में सदन में मुद्दों को उठाया. हालांकि, सबसे कम व्यक्तिगत संख्या के मामले में कांग्रेस के खाते में निचला पायदान गया.
किस दल के सांसदों ने दिखाए तीखे तेवर और किसने साधी चुप्पी
• भारतीय जनता पार्टी : राज्य में सबसे ज्यादा सवालों के आंकड़े भाजपा सांसदों के खाते में दर्ज हैं. पार्टी के सांसदों ने कुल मिलाकर 619 सवाल पूछे. चूंकि झारखंड में भाजपा के पास सांसदों की संख्या सबसे अधिक है, इसलिए कुल प्रश्नों में भी इनका पलड़ा भारी रहा.
• झारखंड मुक्ति मोर्चा: झामुमो के सांसदों ने कुल 110 सवाल पूछे. पार्टी के सांसदों ने आदिवासी और क्षेत्रीय मुद्दों को सदन में उठाने की कोशिश की, लेकिन संख्या के लिहाज से यह प्रयास नाकाफी नजर आता है.
• कांग्रेस पार्टी : कांग्रेस कोटे से आने वाले सांसदों ने कुल 47 सवाल पूछे. पार्टी के सांसदों की यह संख्या राज्य के राजनीतिक कद और उनकी तादाद के हिसाब से बेहद कम है, जो सदन में उनकी कमजोर सक्रियता को दर्शाती है.
• आजसू पार्टी : आजसू के इकलौते सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने अकेले दम पर 77 सवाल पूछकर कई बड़े दलों के सांसदों को पीछे छोड़ दिया.
सबसे अधिक सवाल पूछने वाले सांसद
• ढुलू महतो : इन्होंने संसद में सबसे आक्रामक रुख अपनाते हुए कुल 109 सवाल पूछे और सूची में पहले स्थान पर रहे.
• मनीष जायसवाल: जनता के मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाते हुए इन्होंने कुल 105 सवाल पूछे.
• बीडी राम: अनुभवी सांसद के तौर पर इन्होंने कुल 99 सवाल सदन के पटल पर रखे.
सबसे कम सवाल पूछने वाले सांसद
• कालीचरण मुंडा : कांग्रेस सांसद कालीचरण मुंडा ने संसद में सबसे लचर प्रदर्शन करते हुए महज 4 सवाल पूछे, जो सूची में सबसे कम हैं.
• जोबा मांझी पूर्व मंत्री और झामुमो सांसद जोबा मांझी ने अपने कार्यकाल में अब तक मात्र 27 सवाल ही पूछे हैं.
• कालीचरण सिंह : भाजपा सांसद कालीचरण सिंह भी इस मामले में पीछे रहे और उन्होंने केवल 40 सवाल पूछे.
अन्य सांसदों का रिपोर्ट कार्ड
• निशिकांत दुबे : 95 सवाल
• विद्युत वरण महतो : 84 सवाल
• चंद्रप्रकाश चौधरी : 77 सवाल
• नलिन सोरेन : 42 सवाल
• सुखदेव भगत : 43 सवाल
• विजय हांसदा : 41 सवाल

