न्यूज वेव डेस्क
बैंकिंग सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए सितंबर का महीना मुश्किल भरा हो सकता है. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस, UFBU ने विभिन्न मांगों को लेकर 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. यदि प्रस्तावित हड़ताल होती है, तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सेवाओं पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है. सप्ताहांत और कुछ राज्यों में अतिरिक्त अवकाश के कारण बैंकिंग कामकाज कई दिनों तक प्रभावित रहने की संभावना है.

पांच दिन बैंक खुलने की मांग बनी बड़ा मुद्दा
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना शामिल है. यूनियनों का कहना है कि इस व्यवस्था को लेकर भारतीय बैंक संघ, IBA के साथ पहले ही सहमति बन चुकी है, लेकिन सरकारी स्तर पर मंजूरी मिलने में लगातार देरी हो रही है. UFBU के मुताबिक, प्रस्ताव के तहत सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग कामकाज किया जाना था और इसके लिए प्रतिदिन के कार्य समय में करीब 40 मिनट की बढ़ोतरी का प्रावधान था. यूनियनों का आरोप है कि संबंधित प्रस्ताव लंबे समय से सरकार के पास लंबित है.
पीएलआई व्यवस्था को लेकर भी विरोध
बैंक यूनियनों ने प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन, PLI को लेकर भी आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि सरकार की मौजूदा व्यवस्था में बैंक अधिकारियों के अलग-अलग स्तरों के बीच प्रोत्साहन को लेकर बड़ा अंतर पैदा हो रहा है. UFBU का दावा है कि स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए प्रस्तावित पीएलआई व्यक्तिगत प्रदर्शन से जोड़ने की व्यवस्था है, जबकि यूनियनें इसे बैंक के सामूहिक प्रदर्शन और सभी संवर्गों के लिए समान आधार पर लागू करने की मांग कर रही हैं.
पीएलआई विवाद अदालत और सुलह प्रक्रिया में
यूनियनों के अनुसार पीएलआई का मुद्दा फिलहाल मुख्य श्रम आयुक्त के समक्ष सुलह प्रक्रिया में है. इसके अलावा मामला दिल्ली हाई कोर्ट में भी लंबित बताया गया है. UFBU का आरोप है कि विवाद के समाधान की प्रक्रिया चलने के बावजूद वित्तीय सेवा विभाग की ओर से बैंकों को मौजूदा पीएलआई व्यवस्था लागू करने की सलाह दी गई है. यूनियनों का कहना है कि इससे अलग-अलग बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच प्रोत्साहन में असमानता बढ़ सकती है.
पेंशन और एनपीएस को लेकर भी मांगें
बैंक कर्मचारी संगठनों ने पेंशन से जुड़े कई मुद्दे भी उठाए हैं. इनमें पेंशन का अपडेट, पेंशन व्यवस्था में सुधार और सभी पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते की एक समान गणना शामिल है. इसके अलावा एनपीएस के तहत आने वाले बैंक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने का विकल्प देने की मांग भी की गई है. यूनियनों का कहना है कि इन मुद्दों पर अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है.
28 सितंबर से फिर तीन दिन हड़ताल की चेतावनी
UFBU ने 11 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल के अलावा 28 सितंबर से तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी भी दी है. यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता भी अपनाया जा सकता है.
ग्राहकों पर पड़ सकता है सीधा असर
यदि हड़ताल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होती है, तो बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज, नकद लेनदेन और अन्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. हालांकि डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और ऑनलाइन भुगतान जैसी सेवाओं पर असर अलग-अलग बैंक और सेवा के आधार पर निर्भर करेगा. ग्राहकों के लिए हड़ताल की तारीखों के आसपास बैंक से जुड़े जरूरी काम पहले निपटा लेना बेहतर होगा.
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