झारखंड में कानून का राज: 7 महीने में 113 कुख्यात नक्सली गिरफ्तार, 22 ढेर और 50 ने किया आत्मसमर्पण, संगठित अपराध से जुड़े 193 अपराधी पकड़े गए

Ranchi: झारखंड पुलिस ने राज्य को अपराध और उग्रवाद मुक्त बनाने की दिशा में नए साल 2026 की शुरुआत से लेकर अगस्त...

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Ranchi: झारखंड पुलिस ने राज्य को अपराध और उग्रवाद मुक्त बनाने की दिशा में नए साल 2026 की शुरुआत से लेकर अगस्त तक एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है. झारखंड पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से 15 अगस्त 2026 के बीच पुलिस ने राज्य में बड़े पैमाने पर नक्सल विरोधी अभियान, साइबर क्राइम, संगठित अपराध और अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दिया है. DGP दिशानिर्देश पर संचालित इन अभियानों के परिणामस्वरूप राज्य के कई बड़े नक्सली गढ़ पूरी तरह से नक्सलमुक्त घोषित हो चुके हैं.

नक्सल विरोधी अभियान: एक करोड़ के इनामी समेत कई शीर्ष नक्सली ढेर:

– राज्य में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए अभियानों में पुलिस को अभूतपूर्व सफलता मिली है.

– गिरफ्तारी: कुल 113 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया. जिनमें 49 भाकपा माओवादी, 30 पीएलएफआई, 23 टीपीसी, 10 जेजेएमपी और एक एसजेएमएम के नक्सली शामिल है.

– गिरफ्तार नक्सलियों में एक करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा, 25 लाख का इनामी अजय महतो और 15-15 लाख के इनामी रबिंद्र गंझू, मेहनत और मदन महतो शामिल हैं.

– मुठभेड़ में ढेर: विभिन्न मुठभेड़ों में 22 माओवादी मारे गए, जिनमें एक करोड़ का इनामी अनल उर्फ पतिराम मांझी, 25 लाख का इनामी अनमोल उर्फ सुशांत, और 15-15 लाख के इनामी अमित मुंडा व सहदेव महतो शामिल हैं.

– आत्मसमर्पण: कुल 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया (43 नक्सलियों ने पुलिस मुख्यालय में 28 हथियार और 4549 कारतूसों के साथ सरेंडर किया). इसके अलावा, झारखंड पुलिस के दबाव के कारण पड़ोसी राज्यों (छत्तीसगढ़ में आठ, पश्चिम बंगाल में दो, तेलंगाना में दो) में भी कई कुख्यात नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया.

– बरामदगी: 111 हथियार (81 पुलिस से लूटे गए प्रतिबंधित), 9,904 कारतूस, 11 किलोग्राम विस्फोटक और छह लाख रुपये लेवी जब्त की गई.

– नक्सलमुक्त क्षेत्र: छत्तीसगढ़-गढ़वा-लातेहार सीमा पर स्थित बूढ़ा पहाड़, सारंडा, टोंटो, गोईलकेरा, पोड़ाहाट, पारसनाथ, लुगु व झुमरा पहाड़, सरयु-गारू और कुचाई के घने जंगल अब पूरी तरह से नक्सलमुक्त हो चुके हैं.

साइबर क्राइम पर नकेल: 8 नए थानों का सृजन और ‘प्रतिबिम्ब ऐप’ से कार्रवाई

– साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए राज्य के आठ जिलों रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, लातेहार, दुमका, चाईबासा, सरायकेला में नए साइबर थानों का गठन किया गया है.

– स्पेशल ड्राइव: 658 मामलों में 486 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. इनके पास से 17.78 लाख नकद, 679 सिम कार्ड, 651 मोबाइल और कई वाहन व लैपटॉप बरामद किए गए.

– प्रतिबिम्ब ऐप: 121 मामलों में 336 अपराधियों को गिरफ्तार कर 545 मोबाइल और 655 सिम जब्त किए गए.

– डायल-1930 : 77,503 शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए बैंक खातों में 150 करोड़ रुपये फ्रीज कराए गए और पीड़ितों को 19 करोड़ रुपये वापस दिलाए गए. साथ ही 22,165 मोबाइल नंबर और 10,054 IMEI नंबर ब्लॉक किए गए.

संगठित अपराध और मादक पदार्थों पर सर्जिकल स्ट्राइक:

संगठित गिरोह: 193 अपराधियों को गिरफ्तार कर 63 हथियार और 274 कारतूस जब्त किए गए. 50 अपराधियों पर सीसीए लगाया गया.

– मादक पदार्थ (नशा मुक्त सप्ताह): 435 मामलों में 710 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई. पुलिस ने 41 करोड़ मूल्य का गांजा (3461 किग्रा), अफीम (151 किग्रा), ब्राउन शुगर (3.6 किग्रा) और डोडा (10218 किग्रा) जब्त किया। इसके अलावा 4,620 एकड़ भूमि पर लगी अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया गया.

– पॉक्सो एक्ट और मानव तस्करी: पॉक्सो के 653 मामलों में 542 अभियुक्तों को जेल भेजा गया. मानव तस्करी के 50 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर 140 से अधिक पीड़ितों को मुक्त कराया गया (चक्रधरपुर में गुजरात के तस्करों के चंगुल से 36 लोगों का सफल रेस्क्यू शामिल है).

पुलिस आधुनिकीकरण एवं जनकल्याणकारी पहल

– आधुनिक वाहन: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा पुलिस को 636 चार पहिया और 849 दो पहिया वाहन सौंपे गए हैं, जबकि अगले वित्तीय वर्ष के लिए 627 चार पहिया और 848 दो पहिया वाहनों की खरीद प्रक्रिया जारी है.

– इंफ्रास्ट्रक्चर: 12 जिलों में ‘जॉइंट पुलिस स्टेशन’ (महिला, साइबर, एसटी एससी, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना एक ही परिसर में) और पांच जिलों में एसडीपीओ कार्यालय सह आवास का निर्माण कार्य जारी है.

– पुलिस कल्याण: कल्याण कोष, शिक्षा कोष और परोपकारी कोष के माध्यम से करोड़ों रुपये की सहायता स्वीकृत की गई.

– 237 आश्रितों को अनुकंपा पर नियुक्ति दी गई और वीरता पदक विजेताओं व विभिन्न संवर्गों के कर्मियों को प्रोन्नति प्रदान की गई.

– अंतर्राज्यीय समन्वय : ओडिशा और रांची में आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों के जरिए पड़ोसी राज्यों के साथ मिरर चेक पोस्ट और रियल-टाइम सूचना साझाकरण की व्यवस्था लागू की गई है.

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