Jamtara: आजीविका संसाधन केंद्र में बनारनाचा IFC संकुल की ओर से संचालित 1,000 अंडों की क्षमता वाली हैचरी सेंटर ने अपने पहले ही बैच में शानदार परिणाम हासिल किया है. 3 अगस्त को 1,000 सोनाली मुर्गी के अंडों से शुरू हुई प्रक्रिया के 21 दिन बाद करीब 990 स्वस्थ चूजे तैयार हुए. इस तरह हैचरी में लगभग 99 फीसदी चूजा उत्पादन दर्ज किया गया.

वैज्ञानिक तरीके से तैयार किए गए चूजे
हैचरी में अंडों को 18 दिनों तक सेटर मशीन में रखा गया. इसके बाद तीन दिनों तक हैचर मशीन में वैज्ञानिक तापमान और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अंडों को रखा गया. चूजे निकलने के बाद उन्हें जरूरी स्वास्थ्य देखभाल और दवाएं दी गईं. इसके बाद सभी चूजों को हार्डनिंग सेंटर भेजा गया.
ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर मिलेंगे गुणवत्तापूर्ण चूजे
हैचरी सेंटर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण पशुपालकों और आजीविका मिशन से जुड़े लाभुकों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण चूजे उपलब्ध कराना है. इससे क्षेत्र में कुक्कुट पालन को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण परिवारों की आय और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है. हैचरी का उद्घाटन 7 अगस्त को उप विकास आयुक्त की मौजूदगी में किया गया था. सेंटर में एक चक्र में 1,000 अंडों को रखने की क्षमता है.
अगले बैच की तैयारी शुरू
पहले बैच के उत्पादन के बाद करीब चार दिनों तक हैचरी की सफाई और सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसके बाद अगले बैच की तैयारी शुरू होगी. जानकारी के अनुसार, हैचरी के लिए अंडे करीब 13 रुपये प्रति अंडे की दर से खरीदे जाते हैं, जबकि तैयार चूजों की बिक्री लगभग 22 से 24 रुपये प्रति चूजे की दर से की जाती है. इस पहल से सखी मंडल की दीदियों, महिलाओं, युवाओं और स्थानीय पशुपालकों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है.
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