Newswave Desk: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान का 23 अगस्त से शुरू होने वाला तीन दिवसीय भारत दौरा फिलहाल टाल दिया गया है. यह दौरा दोनों देशों के बीच रिश्तों को बेहतर करने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा था. अब बांग्लादेश ने कहा है कि दोनों देशों के बीच जरूरी बातचीत और तैयारियां पूरी होने के बाद ही रहमान भारत आएंगे. बांग्लादेश के विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने शनिवार को कहा कि भारत दौरे को लेकर जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत में पर्याप्त प्रगति होने और राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनने के बाद ही यात्रा की तारीख तय की जाएगी. कबीर के मुताबिक, अगर दोनों देश जल्द किसी समझौते पर पहुंचते हैं तो अगले सप्ताह या उसके बाद भी भारत दौरा हो सकता है. फिलहाल यात्रा की कोई नई तारीख तय नहीं हुई है.

शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा अहम
भारत और बांग्लादेश के बीच बातचीत में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का प्रत्यर्पण भी बड़ा मुद्दा बना हुआ है. अगस्त 2024 में हसीना की सरकार के सत्ता से हटने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ा था. हसीना इसके बाद भारत आ गई थीं और बांग्लादेश लगातार उनके प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है.
BRICS कार्यक्रम में शामिल होने का भी न्योता
भारत ने तारिक रहमान को द्विपक्षीय दौरे के साथ 12-13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया है. ऐसे में रहमान का भारत दौरा दोनों देशों के रिश्तों को फिर से बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. भारत और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से व्यापार, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग रहा है. भारत ने 1971 में बांग्लादेश के गठन के समय से ही दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है. संकट के समय जरूरी सामान की मदद से लेकर कोरोना महामारी के दौरान वैक्सीन उपलब्ध कराने तक भारत ने बांग्लादेश का साथ दिया है.
ALSO READ: बोकारो: कोनार नदी के अस्तित्व पर माफियाओं का वार, धार मोड़कर दिनदहाड़े हो रहा अवैध खनन

