Hazaribagh: रेलवे स्टेशन और रेलवे कॉलोनी को अब नगर निगम को होल्डिंग टैक्स देना होगा. इसे लेकर नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है. नगर निगम की टीम रेलवे की जमीन और परिसंपत्तियों का असेसमेंट करेगी. असेसमेंट के आधार पर रेलवे से होल्डिंग टैक्स की वसूली की जाएगी. नगर निगम की आय का एक बड़ा स्रोत होल्डिंग टैक्स है. वर्तमान में नगर निगम क्षेत्र के करीब 40 हजार घरों से होल्डिंग टैक्स की वसूली कर रहा है. व्यक्तिगत भवनों के साथ सरकारी भवन भी इसके दायरे में आते हैं.

न्यायालय के आदेश के कारण अब तक नहीं लिया जा रहा था टैक्स
हजारीबाग रेलवे स्टेशन और रेलवे कॉलोनी वार्ड संख्या 35 में आते हैं. न्यायालय के आदेश के कारण अब तक रेलवे से होल्डिंग टैक्स की वसूली नहीं की जा रही थी. हाल ही में नगर निगम को इस संबंध में नया आदेश मिला है. इसके बाद रेलवे से भी होल्डिंग टैक्स लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. नगर निगम की टीम रेलवे की जमीन का असेसमेंट करेगी. रेलवे प्रशासन चाहे तो स्वयं भी अपनी जमीन और परिसंपत्तियों का असेसमेंट कर नगर निगम को उपलब्ध करा सकता है. इसके आधार पर टैक्स निर्धारित कर रेलवे से उसकी वसूली की जाएगी.
रेलवे को टैक्स में मिलेगी कुछ छूट
नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि रेलवे नगर निगम क्षेत्र की जमीन का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन अब तक उससे होल्डिंग टैक्स नहीं लिया जा रहा था. अब रेलवे भी टैक्स के दायरे में आएगा. हालांकि नियम के अनुसार रेलवे को होल्डिंग टैक्स में कुछ छूट मिलेगी.
जेल प्रशासन नहीं करा रहा असेसमेंट
नगर निगम के अनुसार जेल प्रशासन को भी उसके द्वारा इस्तेमाल की जा रही जमीन और भवनों पर होल्डिंग टैक्स देना है. निगम की टीम कई बार जमीन का असेसमेंट करने का प्रयास कर चुकी है, लेकिन जेल प्रशासन की ओर से सहयोग नहीं मिल रहा है. इस संबंध में कई बार पत्राचार भी किया जा चुका है. नगर निगम ने जेल प्रशासन को एक बार स्वयं असेसमेंट कराने के लिए भी पत्र भेजा है. निगम के अनुसार जेल प्रशासन पर वर्ष 2019 से होल्डिंग टैक्स देय है.
जिला परिषद पर एक करोड़ से अधिक बकाया
जिला परिषद पर भी नगर निगम का एक करोड़ रुपये से अधिक का होल्डिंग टैक्स बकाया है. जिला परिषद को अपने कार्यालय भवन के अलावा आरोग्यम और पैराडाइज होटल को किराए पर दिए गए भवनों का भी होल्डिंग टैक्स जमा करना है. नगर निगम की ओर से बकाया राशि जमा करने के लिए जिला परिषद से कई बार पत्राचार किया जा चुका है. इसके बावजूद अब तक भुगतान नहीं किया गया है. नगर निगम अब बकाया वसूली के लिए कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.

