रांची: सीएम हेमंत सोरेन ने राज्यवासियों को प्रकृति पर्व सरहुल की शुभकामनाएं दी है. सीएम ने कहा झारखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आज प्रकृति के महापर्व सरहुल की भव्य शुरुआत हुई.

वसंत ऋतु के आगमन और साल के वृक्षों पर नए फूलों के खिलने के साथ ही चारों ओर उल्लास का वातावरण है. यह पर्व न केवल जनजातीय संस्कृति की जीवंतता को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त संदेश भी देता है.
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सरहुल मात्र एक उत्सव नहीं, बल्कि यह मनुष्य और प्रकृति के बीच सदियों पुराने गहरे संबंध का उत्सव है. आदिवासी परंपरा के अनुसार, इस दिन धरती और सूर्य के विवाह के रूप में प्रकृति की पूजा की जाती है. यह पर्व हमें याद दिलाता है कि हमारा अस्तित्व इन जंगलों और नदियों से ही है.
सतत भविष्य के लिए ‘जल, जंगल और जमीन’
आज के आधुनिक युग में, जहां जलवायु परिवर्तन एक बड़ी चुनौती है, सरहुल की प्रासंगिकता और बढ़ गई है.

