Delhi : पश्चिम एशिया संकट को लेकर कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार पर करारा हमला बोला है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए. उन्होंने इस मसले पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी को ‘नैतिक कायरता’ बताया है. जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “एक तरफ दुनिया की बड़ी शक्तियां और अरब देश इस संघर्ष को रोकने के लिए प्रयास कर रहे हैं, वहीं खुद को ‘विश्वगुरु’ और ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज बताने वाले प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर रहस्यमयी चुप्पी साधे हुए हैं.” उन्होंने आगे लिखा, “भारत का इतिहास हमेशा से उत्पीड़ितों के साथ खड़े होने और न्यायपूर्ण शांति का समर्थन करने का रहा है, लेकिन मौजूदा सरकार इस विरासत को धूमिल कर रही है.”

कूटनीतिक विफलता, बुनियादी उसूलों के साथ गद्दारी : जयराम रमेश
जयराम रमेश ने कहा कि यह सिर्फ कूटनीतिक विफलता नहीं है, बल्कि भारत के बुनियादी उसूलों के साथ गद्दारी है. जयराम रमेश ने कहा कि महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के समय से ही भारत ने फिलिस्तीन के मुद्दे और पश्चिम एशिया में स्थिरता के लिए एक स्वतंत्र और मुखर स्टैंड लिया है. उन्होंने कहा, “आज की चुप्पी यह दर्शाती है कि सरकार अपने नैतिक रुख को राजनीतिक लाभ के लिए कुर्बान कर चुकी है.”
“पीएम मोदी तुरंत अपनी स्थिति स्पष्ट करें”
जयराम रमेश ने मांग की है कि प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय को तुरंत अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जब निर्दोष नागरिक मारे जा रहे हों और पूरा क्षेत्र युद्ध की आग में झुलस रहा हो, तब भारत का मूकदर्शक बने रहना शर्मनाक है. कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत की यह ‘रणनीतिक चुप्पी’ अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी साख को नुकसान पहुंचा रही है और उन देशों को निराश कर रही है जो भारत पर भरोसा करते हैं.

