Click Here
Click Here
Click Here

महिला पुलिसकर्मी से कैशबैक, डॉक्टर से अपॉइंटमेंट और एयर इंडिया मेंबरशिप के नाम पर लाखों की लूट

रांची: साइबर अपराधियों ने ठगी का जाल बिछाकर तीन अलग-अलग वारदातों में करीब पांच लाख रुपये से अधिक की ठगी की है....

रांची: साइबर अपराधियों ने ठगी का जाल बिछाकर तीन अलग-अलग वारदातों में करीब पांच लाख रुपये से अधिक की ठगी की है. ठगों ने कहीं कैशबैक का लालच दिया, तो कहीं गूगल पर फर्जी नंबर डाल कर लोगों को अपना शिकार बनाया. ताजा मामलों में एक महिला पुलिस जवान, एक बुजुर्ग और एक अन्य नागरिक को निशाना बनाया गया है. इन सभी मामलों में रांची के साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस तकनीकी सुरागों के आधार पर अपराधियों की तलाश में जुट गई है.

महिला जवान को कैशबैक का झांसा, 70 हजार की ठगी:

पहला मामला जैप-10 महिला बटालियन, होंटवार का है. यहां कार्यरत महिला जवान अंजेला आईन्द से ठगों ने मोबाइल रिचार्ज पर कैशबैक मिलने का लालच देकर 70 हजार रुपये उड़ा लिए. सात मार्च को ठग ने कॉल कर कहा कि रिचार्ज पर कैशबैक पेंडिंग है. बैंक खाता लिंक है या नहीं, यह चेक करने के बहाने जानकारी ली गई. ठगों ने मात्र दस मिनट के भीतर तीन ट्रांजैक्शन किए.

गूगल पर डॉक्टर का नंबर ढूंढना पड़ा महंगा, 1.41 लाख की ठगी:

बरियातु के चित्रगुप्त नगर निवासी राकेश कुमार को डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेना भारी पड़ गया. उन्होंने गूगल पर डॉ. पीएन सिंह का नंबर सर्च किया, जो फर्जी निकला.
गूगल पर मिले फर्जी नंबर (7978396922) पर कॉल करने पर ठगों ने उन्हें व्हाट्सऐप पर एक लिंक भेजकर ऐप डाउनलोड करवाया. डॉक्टर की फीस के नाम पर केवल पांच रुपये का भुगतान कराया गया.जैसे ही ऐप डाउनलोड हुआ, पीड़ित का फोन हैक हो गया और उनके ‘फोन-पे’ से जुड़े खातों से 1,41,003 रुपये निकाल लिए गए.

एयर इंडिया मेंबरशिप के नाम पर बुजुर्ग से 2.94 लाख की ठगी:

डोरंडा निवासी 63 वर्षीय उमेश कुमार को एयर इंडिया की प्रीमियम मेंबरशिप देने के नाम पर जाल में फंसाया गया. ठगों ने क्यूआर कोड के जरिए उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया. 19 मार्च को आए एक कॉल में आरोपी ने खुद को एयर इंडिया का प्रतिनिधि बताया. मेंबरशिप एक्टिवेट करने के लिए 10 रुपये का क्यूआर कोड स्कैन करने को कहा गया. कोड स्कैन करते ही फोन हैक हो गया. 19 से 21 मार्च के बीच ठगों ने बैंक ऑफ इंडिया और कोटक महिंद्रा बैंक से कुल 2.94 लाख रुपये की अवैध निकासी की। अंततः पीड़ित को अपना फोन फॉर्मेट करना पड़ा.

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *