Ranchi : झारखंड के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान और उसके खास गुर्गों के नेटवर्क पर कानून का शिकंजा कसने के बजाय प्रशासनिक गलियारों से उसे मिल रहे कथित संरक्षण ने व्यवस्था की नींव हिला दी है. प्रिंस खान को रंगदारी के लिए धमकी भरे कॉल करने के लिए जो राहुल राणा व्यापारियों के नंबर उपलब्ध करता था उसे पिस्टल का लाइसेंस दे दिया गया. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि सभी टेबल घूमने के बाद जब फ़ाइल पर अंतिम मुहर लगनी थी तो एक बड़े प्रभावशाली साहब ने तत्कालीन डीसी पर दबाव देकर एक दिन में ही फ़ाइल क्लियर करवा ली. इस घटना ने पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं. आमतौर पर शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया महीनों की सघन जांच पुलिस वेरिफिकेशन और कई स्तरों की फाइलिंग से होकर गुजरती है. लेकिन राहुल राणा के मामले में तमाम नियमों को एक फ़ोन कॉल की वजह से दरकिनार करना पड़ा क्योंकि राहुल राणा की पैरवी एक बड़े साहब ने की.उस प्रभावशाली साहब की पहचान इतनी बड़ी है कि जिसके सामने सारे नियम बौने साबित हो गए. हालांकि पूरा मामला खुलने के बाद अब पुलिस राहुल राणा को मिले हथियार के लाइसेंस को रद्द करवाने की तैयारी में है.
प्रिंस खान गिरोह के राहुल राणा को किस बड़े साहब की वजह से मिला पिस्टल का लाइसेंस, एक दिन में क्लियर हुई थी फाइल
Ranchi : झारखंड के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान और उसके खास गुर्गों के नेटवर्क पर कानून का शिकंजा कसने के बजाय प्रशासनिक...
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