झारखंड राज्यसभा चुनाव: सियासी हलचल तेज, गठबंधन की एकजुटता पर खड़े हो रहे सवाल

Ranchi: झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. राज्य की दो सीटों पर मई महीने में...

Ranchi: झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. राज्य की दो सीटों पर मई महीने में मतदान की संभावना है. हालांकि इस चुनाव में गठबंधन की स्थिति बेहद मजबूत है. लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव और फिर असम विधानसभा चुनाव में गठबंधन में शामिल दलों के बीच तालमेल की कमी दिखी है. इससे राजनीतिक गलियारों में गठबंधन की एकजुटता पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं.

चर्चा यह भी है कि इस तालमेल की कमी का फायदा भाजपा उठा सकती है. बताते चलें कि सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने वाला है. वहीं शिबू सोरेन के निधन से एक सीट खाली हो गई है.

बिहार और असम के सियासी हलचल ने झारखंड के राजनीतिक गलियारों में सनसनी मचा दी है. बिहार विधानसभा चुनाव में झामुमो की अनदेखी हुई. इसके बाद असम में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी झामुमो को मनमुताबिक सीटें नहीं मिलीं. इसके बाद झामुमो ने असम विधानसभा में 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए. इस घटनाक्रम के भी कई मायने निकाले जा रहे हैं.

Also Read: HC ने कहा-पाकुड़ में खनन फर्जी दस्तावेज के आधार पर EC लेने वाली कंपनियों के विरुद्ध जांच पर निर्णय ले सरकार

क्या है दलों की स्थिति

• महागठबंधन (जेएमएम, कांग्रेस, आरजेडी, माले): 56 विधायक

• एनडीए (भाजपा, आजसू, जदयू, लोजपा): 24 विधायक

• अन्य (जेएलकेएम): 1 विधायक

क्या है गणित

• एक सीट जीतने के लिए कम से कम 28 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता है. महागठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जो दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त हैं.

• जेएमएम: दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है.

• कांग्रेस: कम से कम एक सीट पर दावा ठोक रही है.

• भाजपा: एक सीट निकालने के लिए कम से कम 4 और विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *