रांची: पूर्व मंत्री और कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की को रांची सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने मारपीट करने समेत अन्य आरोपों में ट्रायल फेस कर रहे पूर्व मंत्री बंधु तिर्की समेत सात आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है. इस मामले की सुनवाई रांची एमपी/एमएलए मामले के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा की अदालत में हुई.
बंधु तिर्की, तीन अंगरक्षकों रामदेव प्रसाद, विशाल उरांव व सीनू राम जोंको के साथ-साथ अमोद सिंह, मोहन सिंह और दिलीप कुमार इस केस में ट्रायल फेस कर रहे थे. प्राथमिकी में दर्ज आरोपों के मुताबिक एक नंवबर 2017 को भारत स्काउट गाइड झारखंड रांची के राज्य काउंसिल चुनाव में गड़बड़ी से संबंधित जांच की जा रही थी. जांच करने भारत स्काउट गाइड के प्रतिनिधि जिला शिक्षा कार्यालय परिसर पहुंचे थे. जांच में नरेश कुमार को प्रवेश नहीं करने दिया गया और अंगरक्षकों ने बैठक में जाने से रोका व मारपीट की थी. जबकि नरेश कुमार को जांच में शामिल होना जरूरी था.
घटना को लेकर कोतवाली थाने में एक नवंबर 2017 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी. आरोपियों पर जानलेवा हमला कर रॉड से मारने, गाली-गलौज करने व बंधु तिर्की के तीन अंगरक्षकों पर कॉलर पकड़कर शरीर पर कट्टा रखकर जान से मारने की धमकी देते हुए गले से चेन छीन लेने का आरोप लगाया था.
