सिमडेगा: आदिवासी बहुल सिमडेगा में आज खजुर पर्व बहुत धूमधाम से मनाया जा रहा है. चर्चों में अहले सुबह से हीं कैथोलिक घर्मावालंबी खजुर के पत्तो के साथ चर्च में पंहुचे. पाम संडे पर आज सिमडेगा में हर तरफ खजूर की डाली नजर आ रही है. चर्च जाने वाले रास्तों पर हर जगह अहले सुबह से खजूर की डाली बिकती नजर आई. जहां ख्रीस्त विश्वासी खजूर की डाली खरीदी किए. सिमडेगा के सभी चर्च में पाम संडे के मौके पर विशेष मिस्सा पूजन अनुष्ठान किया गया. काफी संख्या में मसीही जुटे और प्रभु के गुणगान किए. सामटोली संत अन्ना महागिरजाघर में विशप विंसेंट बरवा की अगुवाई में मिस्सा अनुष्ठान सम्पन्न हुई.

विशप ने दिया आध्यात्मिक संदेश
विशप ने कहा कि आज से प्रभु अपने दुख भोग में प्रवेश किये. आज प्रभु के येरूसलम में प्रवेश करने की घटना को याद करते हैं. प्रभु ख्रीस्त ने दीनता का परिचय देते हुए लोगों के हाथों में खुद समर्पित कर दिए. यात्रा में प्रभु ने संसार की मुक्ति के लिए पापों की मुक्ति के लिए खुद को बलिदान किया. उन्होंने कहा कि आज के दिन सभी लोग उनका स्वागत करते हैं. ईश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को हमारे लिए समर्पित कर दिया. खजुर संडे को ईसाई समुदाय के लोग प्रभु यीशू के यरुशलम में विजयी प्रवेश के रूप में मनाते हैं.

शोभायात्रा के साथ मनाया गया पर्व
कहा जाता है कि यीशू मसीह ने चालीस दिन के उपवास काल में पाम संडे के दिन भारी भीड़ के साथ यरुशलम में प्रवेश किया था. इस दौरान जिस रास्ते से वह गुजर रहे थे लोगों ने उनके स्वागत के लिए अपने कपड़ों को बिछाने के साथ खजूर की डालियों को हाथों में लेकर उनका स्वागत किया था. आज मिस्सा के पूर्व ख्रीस्त विश्वासी अपने अपने हाथों में खजूर की डाली लेकर शोभायात्रा के रूप में संत अन्ना महागिरजा पहुंचे. जहां विशप विंसेंट बरवा ने मिस्सा अनुष्ठान सम्पन्न कराए.
