SAURAV SINGH

रांची: रेलवे में बिजली कनेक्शन से लेकर बड़े टेंडर का बिल पास कराने के लिए अवैध वसूली का खेल जारी है. रेलवे में भ्रष्टाचार के खिलाफ बीते 19 दिनों के दौरान सीबीआई के द्वारा की गई कार्रवाई इस बात की पुष्टि करती है. इस कार्रवाई के दौरान सीबीआई ने रेलवे विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों को बेनकाब किया है. झारखंड के धनबाद, रांची और बोकारो क्षेत्रों में हुई इन कार्रवाइयों ने विभाग के भीतर हड़कंप मचा दिया है. जूनियर इंजीनियर से लेकर सीनियर डीईई स्तर के अधिकारियों की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि विभाग में छोटे बिजली कनेक्शन से लेकर बड़े टेंडर बिल पास कराने तक के लिए रिश्वत लेने का काम किया जा रहा है.
रांची के हटिया डीआरएम ऑफिस के कमर्शियल इंस्पेक्टर 50 हजार के साथ दबोचा गया:
सीबीआई की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने 25 मार्च को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य कमर्शियल इंस्पेक्टर हिमांशु शेखर को गिरफ्तार किया. शिकायतकर्ता अजय त्यागी ने सीबीआई में प्राथमिकी (RC-5/2026-R) दर्ज कराई थी कि काम के बदले उनसे मोटी रकम मांगी जा रही है. सीबीआई ने जाल बिछाया और रांची के हटिया स्थित डीआरएम कार्यालय के समीप छापेमारी कर हिमांशु शेखर को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया.
धनबाद में बिल पास कराने के नाम पर सीनियर डीईई (जी) गिरफ्तार:
धनबाद रेल मंडल में सीबीआई ने विभाग के एक रसूखदार अधिकारी पर हाथ डाला. सीनियर डीईई (जी) संजीव कुमार को उनके दफ्तर और आवास पर एक साथ की गई छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया गया. रेलवे ठेकेदार एके झा को धनबाद स्टेशन पर लिफ्ट ऑटोमेशन का काम मिला था. काम में देरी के कारण जुर्माना लगाया गया था, जिसके बाद बिल पास करने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही थी. इसी दौरान छह की मार्च को दोपहर करीब दो बजे सीबीआई ने डीआरएम कार्यालय स्थित उनके दफ्तर और पूजा टाकीज स्थित उनके निजी बंगले पर दस्तक दी और उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार किया.
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बोकारो में बिजली कनेक्शन के लिए 15 हजार की घूस लेते जेई गिरफ्तार:
भ्रष्टाचार की यह कड़ी केवल बड़े अधिकारियों तक सीमित नहीं है, बोकारो के भोजूडीह में तैनात जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) रविंद्र कुमार को भी सीबीआई ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. दरोगा प्रधान कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के साइट इंजीनियर अरविंद कुमार राय ने शिकायत की थी कि उनके साइट ऑफिस के लिए बिजली कनेक्शन देने के नाम पर जेई रविंद्र कुमार 15 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं. जिसका नतीजा यह हुआ कि 17 मार्च को सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए जेई को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ दबोचा.
