रांची: झारखंड स्टेट बार काउंसिल (JSBC) चुनाव 2026-31 की मतगणना जारी है और इस बीच आरोप प्रत्यारोप और शिकायतों का दौर भी जारी है. काउंटिंग के दौरान एक बड़ा विवाद सामने आया है. जमशेदपुर जिला बार में प्रैक्टिस करने वाली महिला उम्मीदवार शिल्पी प्रसाद (सीरियल नंबर 85) ने मुख्य चुनाव अधिकारी रिटायर्ड जस्टिस अंबुज नाथ को पत्र लिखकर धनबाद में हुए मतदान और मतगणना में भारी धांधली का आरोप लगाया है. उन्होंने धनबाद के चुनावों को रद्द कर वहां फिर से मतदान कराने की मांग की है.
गड़बड़ी की ओर इशारा
शिल्पी प्रसाद ने अपने पत्र में बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा करते हुए बताया है कि धनबाद बार के कुल 3184 अधिवक्ताओं में से केवल 1931 वकीलों ने मतदान किया था. लेकिन मतगणना के दौरान 1989 मतपत्र (बैलेट पेपर) प्राप्त हुए. उम्मीदवार ने सवाल उठाया है कि आखिर ये अतिरिक्त 58 मतपत्र कहां से आए? उन्होंने इसे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न बताया है.
शिकायत में चौंकाने वाला दावा
शिकायत में एक और चौंकाने वाला दावा किया गया है. शिल्पी प्रसाद के मुताबिक उनकी अपनी भतीजी जो धनबाद में अधिवक्ता हैं ने उन्हें वोट दिया था और वह इसके लिए शपथ पत्र (एफिडेविट) देने को भी तैयार हैं. इसके बावजूद, अंतिम गणना में धनबाद से शिल्पी प्रसाद को शून्य (0) वोट दिखाए गए हैं. उम्मीदवार का कहना है कि यह पूरी तरह असंभव है और वोटों की गिनती में बड़े पैमाने पर हेरफेर का संकेत देता है.
हलचल तेज
शिल्पी प्रसाद ने मुख्य चुनाव अधिकारी से आग्रह किया है कि धनबाद बार के चुनावों को अमान्य घोषित किया जाए. इस शिकायत के बाद बार काउंसिल के गलियारों में हलचल तेज हो गई है. अब देखना यह होगा कि चुनाव अधिकारी इन गंभीर आरोपों पर क्या कार्रवाई करते हैं
