Simdega: पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर शुक्रवार को सुहागिन महिलाओं ने श्रद्धा और पवित्रता के साथ वट सावित्री व्रत किया. सुबह से ही महिलाएं वट वृक्ष के नीचे एकत्रित होकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती नजर आईं.
108 परिक्रमा कर मांगा अखंड सौभाग्य
पूजा के दौरान महिलाओं ने वट वृक्ष की 108 परिक्रमा कर पवित्र धागा बांधा और अपने पति के दीर्घायु होने तथा हर जन्म में साथ बने रहने की कामना की. महिलाओं ने वट सावित्री व्रत कथा का भी श्रवण किया.

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सावित्री और सत्यवान की कथा से जुड़ी है मान्यता
धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब सत्यवान के प्राण लेने यमराज पहुंचे थे, तब उनकी पत्नी सावित्री ने वट वृक्ष के नीचे बैठकर कठोर तप और अटूट निष्ठा से अपने पति के प्राण वापस मांगे. सावित्री के दृढ़ संकल्प के आगे यमराज को झुकना पड़ा और सत्यवान को पुनर्जीवन मिला. तभी से ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष अमावस्या को वट वृक्ष की पूजा और व्रत करने की परंपरा चली आ रही है.
सुख-समृद्धि की भी की कामना
महिलाओं का मानना है कि इस व्रत को करने से पति को लंबी आयु और परिवार को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
