सिमडेगा: सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सिमडेगा में मातृ सम्मेलन सह वार्षिक परीक्षा फल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय जनजाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करवाई.

दीप प्रज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई. इसके पश्चात् विद्यालय के विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षा के परिणाम वितरित किए गए.
रूप सजा प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
विद्यालय परिसर में रूप सजा प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इस अवसर पर मातृ सम्मेलन के महत्व एवं शिक्षा में माताओं की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया.
प्रथम स्थान प्राप्त छात्रों के अभिभावकों को सम्मानित किया गया
परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को पुरुषोत्तम अग्रवाल द्वारा 1000 रुपये की नगद प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया.
मुख्य अतिथि का संदेश: शिक्षा और संस्कार का समन्वय
आशा लकड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जैसे संस्थान भारत की संस्कृति और इतिहास को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने बताया कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी न केवल शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट होते हैं, बल्कि संस्कारयुक्त भी बनते हैं और देश का नाम रोशन करते हैं.
मुख्य अतिथि ने मातृ सम्मेलन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में माताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है. इस प्रकार के आयोजनों से अभिभावकों और विद्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है, जो शिक्षा के स्तर को और मजबूत बनाता है.
