रांची: साहिबगंज जिले में हुए करोड़ों रुपये के अवैध पत्थर खनन और परिवहन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. ईडी के रांची जोनल ऑफिस ने सीटीएस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसके निदेशकों सहित कुल छह आरोपियों के खिलाफ रांची स्थित विशेष कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया है.
इन लोगों को बनाया गया है आरोपी:
– सीटीएस इंडस्ट्रीज लिमिटेड
– अशोक कुमार तुलस्यान
– सिद्धार्थ तुलस्यान
– चमन तुलस्यान
– पुरुषोत्तम कुमार तुलस्यान
– इको फ्रेंडली इंफ्रा टेक्नोलॉजी
करोड़ों की रॉयल्टी चोरी और रेलवे रैक का खेल:
ईडी की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि सीटीएस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसके निदेशकों ने साल 2015 से ही साहिबगंज के मौज़ा जोकमारी में बड़े पैमाने पर अवैध पत्थर उत्खनन किया. जांच के अनुसार, आरोपियों ने बिहार के भागलपुर स्थित पीरपैंती रेलवे साइडिंग का उपयोग करते हुए बिना अनिवार्य JIMMS परिवहन चालान के 251 रेलवे रैक भेजे.।इस अवैध गतिविधि के जरिए सरकार को मिलने वाली रॉयल्टी में भारी सेंध लगाई गई.
रिश्वतखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क:
जांच में यह भी सामने आया है कि इस अवैध परिवहन को सुगम बनाने के लिए रेलवे अधिकारियों और अन्य लोक सेवकों को भारी रिश्वत दी गई थी. अपराध से अर्जित इस काली कमाई को सफेद करने के लिए लेयरिंग का सहारा लिया गया. आरोपियों ने M/s DS Bitumix और M/s Karan International जैसी फर्जी फर्मों के माध्यम से नकली चालान जारी किए M/s CTS Industries Ltd. के खातों से इन फर्जी कंपनियों को लगभग 4.87 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए गए, ताकि इस अवैध राशि को वैध व्यापारिक लेनदेन के रूप में दिखाया जा सके.
CBI की FIR बनी जांच का आधार:
यह पूरा मामला शुरुआत में सीबीआई द्वारा पीरपैंती रेलवे साइडिंग के अज्ञात अधिकारियों और सीटीएस इंडस्ट्रीज के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी पर आधारित था. बाद में, बिहार के पीरपैंती और झारखंड के मिर्जा चौकी थाने में दर्ज तीन अन्य प्राथमिकी को भी इस जांच में शामिल कर लिया गया. ईडी ने 24 अक्टूबर 2024 को साहिबगंज स्थित कंपनी के परिसरों में छापेमारी की थी, जिसमें कई डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए थे.
