विनीत आभा उपाध्याय
रांची : रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित होटल टी टॉस (Hotel T-Toss) में हुई गोलीबारी की घटना में टर्की मेड जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था. इस इस वारदात में एक मासूम वेटर की जान चली गई थी. यह वही अत्याधुनिक हथियार है जिससे पिछले कुछ समय में देश के कई हाई-प्रोफाइल मर्डर केस जैसे अतीक अहमद हत्याकांड में इस्तेमाल किया गया था.
पुलिस की तफ्तीश में क्या सामने आया ?
पुलिस की तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि होटल टी टॉस में फायरिंग के वक्त यह प्रतिबंधित पिस्टल शूटरों को उपलब्ध कराई गई थी. प्रिंस खान गिरोह अब स्थानीय कट्टों के बजाय विदेशी और प्रतिबंधित हथियारों से अपनी पैठ जमाने की कोशिश कर रहा है. जिगाना पिस्टल अपनी सटीकता और जीरो जैमिंग रेट के लिए जानी जाती है जो इसे अपराधियों की पहली पसंद बना रही है. तुर्की में निर्मित जिगाना पिस्टल भारत में पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इसे घातक बनाती हैं.
जिगाना पिस्टल की फायरिंग क्षमता और तस्करी
इसमें एक बार में 15 से 17 राउंड गोलियां भरी जा सकती हैं. यह बेहद कम समय में लगातार फायरिंग करने में सक्षम है. यह हथियार पाकिस्तान के रास्ते ड्रोन या अन्य अवैध माध्यमों से भारत में तस्करी कर लाए जा रहे हैं. रांची पुलिस की एसआईटी लगातार गैंगस्टर प्रिंस खान उसके शूट सचिन और कुबेर के ठिकानों पर दबिश दे रही है.
पुलिस का मानना है कि इन दोनों की गिरफ्तारी से न केवल इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझेगी बल्कि प्रिंस खान गिरोह के उस सिंडिकेट का भी भंडाफोड़ होगा जो झारखंड में इन विदेशी हथियारों की सप्लाई कर रहा है. अब तक पकड़े गए आरोपियों के इकबालिया बयान के मुताबिक विक्की डोम ने टी टॉस में हुए हत्याकांड में शामिल शूटरों को जिगाना पिस्टल मुहैया कराई थी.
