पाकुड़: जिले महेशपुर प्रखंड के एक रिहायशी इलाके में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक दुर्लभ वन्यजीव स्मॉल इंडियन सिवेट गांव की गलियों में नजर आया. इसे स्थानीय भाषा में कस्तूरी बिल्ली के नाम से जाना जाता है. आमतौर पर घने जंगलों में रहने वाला यह जीव अचानक आबादी के बीच पहुंच गया, जिससे लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया. साथ ही लोगों में डर का माहौल भी बन गया.
ग्रामीणों की भीड़, मोबाइल में कैद तस्वीरें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दुर्लभ प्राणी काफी देर तक गांव की सड़कों और घरों के आसपास घूमता रहा. इसकी एक झलक पाने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी. कई लोगों ने इसे अपने मोबाइल में कैद कर लिया और कुछ लोग भयभीत भी दिखे.
वन्यजीव के व्यवहार और कारण
जानकारों के मुताबिक, स्मॉल इंडियन सिवेट एक निशाचर (रात में सक्रिय) और बेहद शर्मीला वन्यजीव होता है, जो आमतौर पर रात में सक्रिय रहता है. इसका रिहायशी इलाके में दिखना इस बात का संकेत हो सकता है कि आसपास के जंगलों में बदलाव, भोजन की कमी या पर्यावरणीय दबाव के कारण यह भटककर गांव तक आ गया.
वन विभाग ने किया रेस्क्यू
ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसका रेस्क्यू किया.
