पाकुड़: समाज कल्याण विभाग को सुदृढ़ करने की दिशा में मंगलवार को रविन्द्र भवन टाउन हॉल में 83 सेविका-सहायिका के बीच नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया. समारोह का शुभारंभ डीसी मनीष कुमार, एसपी निधि द्विवेदी, स्थापना उप समाहर्ता त्रिभुवन कुमार सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी हिरणपुर टुडु दिलीप, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस बाड़ा, सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव, विधायक प्रतिनिधि गोकुल अहमद. झामुमो की युवा नेत्री उपासना मरांडी एवं सीडीपीओ द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया.
योजनाओं का सही लाभ और ऑनलाइन कार्य संचालन
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस बाड़ा ने कहा कि सेविका-सहायिका सरकार और ग्रामीणों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं. योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचाना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने बताया कि चयन के बाद प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके उपरांत आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रतिनियुक्त कर कार्य की व्यवहारिक जानकारी दी जाएगी. उन्होंने सभी को सलाह दी कि कार्य को बेहतर ढंग से सीखने के लिए पर्यवेक्षिका, सीडीपीओ एवं जिला कार्यालय से निरंतर मार्गदर्शन लें. साथ ही उन्होंने कहा कि लाभार्थी प्रविष्टि, पोषाहार वितरण, टीकाकरण एवं योजनाओं का क्रियान्वयन सभी कार्य अब ऑनलाइन माध्यम से किए जाएंगे.
एसपी निधि द्विवेदी ने क्या कहा ?
एसपी निधि द्विवेदी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों की देखभाल का स्थान नहीं है. यह पूरे गांव की सामाजिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र भी है. उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव की समस्याओं, सामाजिक परिस्थितियों एवं गतिविधियों को समझने की महत्वपूर्ण कड़ी होती हैं. इसलिए उन्हें अपने दायित्वों को व्यापक दृष्टिकोण के साथ निभाना चाहिए. उन्होंने सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी एवं समर्पण के साथ निभाएं. साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्रिय भूमिका निभाएं.
डीसी मनीष कुमार ने क्या कहा ?
डीसी मनीष कुमार ने नवनियुक्त सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि सेविका-सहायिका सरकार की योजनाओं और आमजन के बीच एक मजबूत कड़ी हैं. उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा केवल प्रमाण पत्र नहीं है. यह एक बड़ी जिम्मेदारी है. अब आप शिकायतकर्ता नहीं हैं. बल्कि समाधान देने वाले बन गए हैं. इसलिए अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ करें.
उपायुक्त ने बताया कि बच्चों के जीवन के शुरुआती दिन उनके विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं. इसलिए आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका इस दिशा में बेहद अहम है. उन्होंने सभी से नई तकनीकों को सीखने, मोबाइल आधारित ऑनलाइन कार्य प्रणाली अपनाने एवं नियमित डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने का आह्वान किया.
सामूहिक प्रयासों से पंचायतों ने राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान: उपायुक्त
साथ ही जिले की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से पंचायतों ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है. इसे आगे भी बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि सभी नवनियुक्त सदस्य पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करें. ताकि योजनाओं का लाभ समय पर जरूरतमंदों तक पहुंचे और जिले का समग्र विकास सुनिश्चित हो.
