सीएम हाउस में कंबल बांटने का दिया झांसा, नेताओं-अधिकारियों से संबंध का किया दावा, पीड़ित को फंसाने के लिए कार में रखवाया नशीला पदार्थ

रांची: राजधानी रांची में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी ने अपनी पहचान छुपाकर अरुण कुमार बनकर पहले विश्वास...

रांची: राजधानी रांची में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी ने अपनी पहचान छुपाकर अरुण कुमार बनकर पहले विश्वास जीता और फिर एडमिशन दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी कर डाली. मामला सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के श्रीकृष्णा नगर निवासी दीवान मिधा की शिकायत पर सामने आया है. इस मामले में लोअर बाजार थाना में दो के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हुई है. पीड़ित के अनुसार, अरुण कुमार नामक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ उनकी दुकान जीएल चर्च कॉम्प्लेक्स स्थित चुनमुन मोटेकाल पहुंचा.खुद को बड़े नेताओं और अधिकारियों से जुड़ा बताते हुए उसने मुख्यमंत्री आवास के नाम पर कंबल वितरण का काम लेने की बात कही और करीब एक हजार कंबल ले गया. इसी दौरान दोनों के बीच अच्छी पहचान हो गई.

एडमिशन के नाम पर शुरू हुआ खेल:

कुछ दिनों बाद आरोपी ने पीड़ित की बेटी का रिम्स में पीजी मैनेजमेंट (एनआरआई कोटा) से दाखिला कराने का झांसा दिया.भरोसा दिलाने के लिए उसे रिम्स परिसर, स्टेट गेस्ट हाउस, सर्किट हाउस और पुराने विधानसभा जैसे जगहों पर बुलाया जाता रहा. पीड़ित का आरोप है कि रिम्स परिसर में 15 लाख रुपये आरोपी को नगद दिए गए. इसके बाद अलग-अलग तारीखों में बुलाकर कुल मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये नगद वसूल लिए गए. इस पूरी बातचीत के ऑडियो और व्हाट्सएप चैट भी पीड़ित के पास मौजूद हैं.

बहन की बीमारी में भी किया खेल:

जनवरी 2026 में पीड़ित की बहन की तबीयत बिगड़ने पर इलाज के लिए बेंगलुरु ले जाना पड़ा. इस दौरान आरोपी ने सोने के बदले पैसे देने का प्रस्ताव दिया. मजबूरी में पीड़ित ने 995 ग्राम सोना, जिसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है, आरोपी को दे दिया.बदले में सिर्फ 20 लाख रुपये दिए गए और बाकी रकम बाद में देने का आश्वासन दिया गया, जो कभी पूरा नहीं हुआ. इलाज के दौरान पैसों की कमी से जूझते परिवार ने उधार लेकर इलाज कराया, लेकिन 10 फरवरी 2026 को पीड़ित की बहन की मौत हो गई.

पैसा मांगने पर धमकी, साजिश का खुलासा:

रांची लौटने पर जब पीड़ित ने पैसे और एडमिशन के बारे में पूछा तो आरोपी टालमटोल करने लगा. विरोध करने पर जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई. 15 मार्च को पीड़ित की गाड़ी को लोअर बाजार पुलिस ने रोका, जहां तलाशी में स्टेपनी के नीचे नशीला पदार्थ बरामद हुआ. जांच में सामने आया कि यह साजिश भी उसी आरोपी की थी, जिसने फंसाने के लिए पदार्थ रखवाया था.

अरुण नहीं,असल में तनवीर अख्तर:

पीड़ित को पता चला कि खुद को अरुण कुमार बताने वाला व्यक्ति असल में तनवीर अख्तर है और उसकी पत्नी आइसा भी इस ठगी में शामिल है. पीड़ित का कहना है कि आरोपी पहचान का दिखावा करने के लिए कलावा, तिलक और हनुमान लॉकेट पहनता था और राधे-राधे बोलकर लोगों का विश्वास जीतता था. आरोप है कि ठगी के पैसों से आरोपी ने अपनी पत्नी के नाम पर नई इनोवा हाइक्रॉस कार भी खरीदी है.

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