पलामू: जिले के हुसैनाबाद प्रखंड अंतर्गत लोटनिया पंचायत के पिपरडीह गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ा एक विवाद सामने आया है. यहां श्याम नारायण पाल नामक लाभुक ने अपने ही भाई पर पीएम आवास पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है.
कब मिला पीएम आवास योजना का लाभ ?
पीड़ित श्याम नारायण पाल ने बताया कि वर्ष 2019-20 में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला था. उन्होंने सरकारी अनुदान राशि से आवास का निर्माण कराया. लेकिन उनके छोटे भाई सत्येंद्र पाल और सचिन पाल ने मारपीट कर उन्हें घर से बाहर कर दिया. इसके बाद से वे अपनी पत्नी और बच्चों के साथ झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं.
इस मामले में हुसैनाबाद एसडीओ के पत्रांक 1127 तथा बीडीओ के पत्रांक 825 के आलोक में हुई जांच में यह स्पष्ट किया गया है कि संबंधित पीएम आवास श्याम नारायण पाल के नाम से आवंटित है. जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि आवास का निर्माण लाभुक द्वारा ही सरकारी राशि से कराया गया है.
जांच रिपोर्ट के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं
बीडीओ और प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी की संयुक्त जांच में यह निष्कर्ष निकाला गया कि श्याम नारायण पाल के आवास पर उनके भाई सत्येंद्र पाल का कब्जा अनैतिक और गैर-कानूनी है. रिपोर्ट में आवास का कब्जा दिलाने के लिए पर्याप्त पुलिस बल, जिसमें महिला बल भी शामिल हो, की प्रतिनियुक्ति की आवश्यकता बताई गई है.
हालांकि जांच रिपोर्ट के बावजूद अब तक इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है. पीड़ित ने पलामू उपायुक्त सहित उच्च अधिकारियों से गुहार लगाते हुए दंडाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर आवास पर कब्जा दिलाने की मांग की है.
क्या कहते हैं बीडीओ
इस संबंध में हुसैनाबाद प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि जांच के बाद लाभुक को मालिकाना हक दिलाने के लिए दूसरे पक्ष को नोटिस जारी कर घर खाली करने का निर्देश दिया गया.
