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इलाज के बाद भी नहीं मिला सहारा, रिनपास में 47 मरीजों को लेने नहीं पहुंचे परिजन

रांची: रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार की टीम ने गुरुवार को रिनपास का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान टीम को ऐसे 47...

रिनपास
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रांची: रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार की टीम ने गुरुवार को रिनपास का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान टीम को ऐसे 47 मानसिक रोगी मिले, जो अब ठीक हो चुके है, लेकिन उनके घरवाले उन्हें अपने घर नहीं ले जाना चाहते हैं. निरीक्षण में टीम की मुलाकात एक ऐसी महिला से हुई, जो करीब 30 वर्षों से सीआईपी में भर्ती है. पूछताछ के क्रम में उन्होंने हाथ जोड़ कर सचिव महोदय को बतायी कि मैं अब अपना घर नहीं जाना चाहती हूं, क्योंकि जब समय था, तब मेरे परिवारवाले मुझे नहीं ले गये. अब तो मैं बूढ़ी हो चुकी हूं. घर में मां-बाप सभी थे, लेकिन कभी मुझे देखने नहीं आये, अब मैं यही रहना चाहती हूं.

अधिकारियों ने सभी रोगियों का पूरा डिटेल लिस्ट लिया

वहीं एक अन्य महिला से भी टीम के सदस्य मिले जो 30 वर्ष की उम्र में उनके परिवारवाले अस्पताल में भर्ती कराकर छोड़ दिये थे. अभी उनकी उम्र 80 वर्ष हो गयी है. महिला आज भी अपने घरवालों की आने की इंतजार कर रही है, कि वे आयेंगे और ले जायेंगे. महिलाओं का दर्द सुनने के बाद डालसा के अधिकारियों ने सभी 47 मानसिक रोगियों का पूरा डिटेल लिस्ट लिया और सीआईपी निदेशक को कहा कि काउंसेलिंग के माध्यम से सभी मानसिक रोगियों के परिवारवालों से बातचीत कर उन्हें घर भेजने का प्रयास किया जायेगा.

साथ ही जो लोग पूरी तरह से ठीक हो चुके है, उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने एवं आवासित करने हेतु उचित कदम उठाया जायेगा. यह निरीक्षण झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष और हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुजित नारायण प्रसाद के दिशा निर्देश पर किया गया था.

यह भी पढ़ें: बजट सत्र: कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के राज्यपाल को करें बर्खास्त- प्रदीप यादव

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