• बड़ा खुलासा: देव इंटरप्राइजेज और आरएचआई कंपनी ने बेरोजगारों से ठगे लाखों,ट्रेनिंग के बहाने कमरे में कैद कर छीन लेते थे मोबाइल
रांची: राजधानी के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में रोजगार के नाम पर युवाओं को ठगने और उन्हें बंधक बनाकर रखने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. सरायकेला निवासी एक शिक्षित बेरोजगार युवक देवदास महाकुड़ की शिकायत पर पुलिस ने आरएचआई और देव इंटरप्राइजेज नामक फर्जी कंपनियों के खिलाफ जगन्नाथपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस ने गिरोह के सरगना महादेव जी और रोहित महतो सहित सात नामजद और 20-30 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है ।
21 हजार की ‘रिश्वत’ और फिर कैद:
पीड़ित देवदास ने बताया कि उसके कॉलेज के दोस्त ने ऑफिस वर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर उसे रांची बुलाया था. फॉर्म और ट्रेनिंग के नाम पर उससे किस्तों में कुल 21,000 रुपये नकद वसूले गए. पैसे लेने के बाद उसे पुंदाग के भागलपुर लवातू टोला स्थित एक करकटनुमा मकान में ट्रेनिंग के नाम पर रखा गया. वहां न तो कोई काम सिखाया गया और न ही ढंग का खाना दिया गया. हद तो तब हो गई जब ट्रेनिंग खत्म होने पर उससे कहा गया कि अगर नौकरी चाहिए तो उसे अपने जैसे दो और लड़के फंसाकर लाने होंगे और उनसे भी 21-21 हजार जमा करवाने होंगे.
सिंडिकेट का खौफनाक तरीका, छीन लेते थे मोबाइल:
शिकायत के अनुसार, यह गिरोह एक सुनियोजित सिंडिकेट की तरह काम करता है. गांव-देहात के भोले-भाले युवाओं को जाल में फंसाकर उन्हें शहर लाया जाता है और फिर एक कमरे में कैद कर दिया जाता है. पीड़ित का आरोप है कि वहां मौजूद युवाओं के मोबाइल छीन लिए जाते हैं और उन्हें कमरे से बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं होती. वर्तमान में भी उस इलाके के किराए के कमरों में कई युवक-युवतियों के फंसे होने की आशंका जताई गई है



