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झारखंड का पोषण आहार बंगाल में बेचने की साजिश, फरक्का में पिकअप वैन जब्त

Sahibganj: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का थाना पुलिस ने शुक्रवार शाम गुप्त सूचना के आधार पर झारखंड से पश्चिम बंगाल...

Sahibganj: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का थाना पुलिस ने शुक्रवार शाम गुप्त सूचना के आधार पर झारखंड से पश्चिम बंगाल जा रही एक पिकअप वैन (जेएच 17 टी 1437) को जब्त किया है. वाहन चालक को भी हिरासत में लिया गया है.

झारखंड के पोषण आहार की तस्करी का खुलासा

जप्त वाहन में झारखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जाने वाला पोषक आहार लदा हुआ था, जिसे बेचने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था. चालक की पहचान अख्तर शेख के रूप में हुई है, जो बरहड़वा थाना क्षेत्र के बंगालीपाड़ा का निवासी है.

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31 क्विंटल पोषाहार बरामद

पुलिस के अनुसार, वाहन बरहड़वा से कोटालपोखर होते हुए खोसालपुर के रास्ते फरक्का थाना क्षेत्र में प्रवेश कर रहा था. एनटीपीसी फरक्का पुलिस आउट पोस्ट के अधिकारी ने बताया कि वाहन से 31 क्विंटल टीएचआर बरामद किया गया है. प्राथमिकी दर्ज कर चालक को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

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तस्करी का बड़ा नेटवर्क होने की आशंका

इस कार्रवाई से यह साफ हुआ है कि आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचने वाला पोषण आहार बड़े पैमाने पर तस्करी का शिकार हो रहा है. सूत्रों के अनुसार, कई महीनों तक टीएचआर केंद्रों तक नहीं पहुंचता, और जब आपूर्ति होती भी है, तो उसका एक बड़ा हिस्सा पश्चिम बंगाल में बेच दिया जाता है.

82 हजार रुपये का पोषाहार जब्त

जानकारी के अनुसार, एक बोरे की कीमत लगभग 400 रुपये है. इस मामले में कुल 206 बोरे बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 82 हजार रुपये आंकी गई है.

निःशुल्क वितरण के बावजूद हो रही तस्करी

झारखंड सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषण उपलब्ध कराया जाता है. इसके तहत गर्म भोजन के साथ-साथ टेक होम राशन दिया जाता है. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों को भी पौष्टिक आहार मुफ्त में उपलब्ध कराया जाता है, बावजूद इसके इसकी तस्करी गंभीर चिंता का विषय बन गई है.

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