रांची: साइबर अपराध की जन्मस्थली के रूप में कुख्यात जामताड़ा के अपराधियों ने अब सीधे शासन और प्रशासन को ही चुनौती दे दी है. शातिर ठगों ने जिले के उपायुक्त रवि आनंद को ही अपना मोहरा बनाने की कोशिश की है. अपराधियों ने उपायुक्त की तस्वीर और नाम का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट के जरिए अधिकारियों और आम लोगों को जाल में फंसाने का प्रयास किया है.
विदेशी नंबर का खेल और फर्जी प्रोफाइल
साइबर ठगों ने एक संदिग्ध नंबर +62857-4611-3378 का उपयोग करते हुए उस पर उपायुक्त रवि आनंद की आधिकारिक तस्वीर लगा दी. इस फर्जी प्रोफाइल के माध्यम से ठग जिले के विभिन्न अधिकारियों और आम जनता को गुमराह करने वाले संदेश भेज रहे हैं.
डीसी रवि आनंद की जनता से अपील
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त रवि आनंद ने जिलेवासियों को सतर्क रहने की चेतावनी दी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि इस नंबर से कोई भी संदेश प्राप्त होता है, तो उसे पूरी तरह नजरअंदाज करें और तुरंत ब्लॉक कर दें. इस फर्जी अकाउंट से किसी भी प्रकार की आर्थिक मदद या पैसों की मांग की जा सकती है, जिसके झांसे में बिल्कुल न आएं.
जिला प्रशासन से जुड़ी किसी भी प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और वेबसाइट का ही उपयोग करें.
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