रांची: झारखंड में नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन और पुलिसिंग को आधुनिक बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया. शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय के सभागार में केंद्रीय गृह मंत्रालय और झारखंड पुलिस के शीर्ष अधिकारियों की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई.

यह बैठक भारत सरकार के गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव (आंतरिक सुरक्षा-II) निष्ठा तिवारी और झारखंड की DGP तदाशा मिश्र की संयुक्त अध्यक्षता में संपन्न हुई.
ई-साक्ष्य ऐप और वैज्ञानिक अनुसंधान पर चर्चा
बैठक के दौरान ई-साक्ष्य ऐप के उपयोग पर विशेष विमर्श किया गया. संयुक्त सचिव निष्ठा तिवारी ने जिलों में इस ऐप के इस्तेमाल के दौरान आ रही तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं की विस्तार से समीक्षा की.
इस दौरान सभी लंबित और नए कांडों का अनुसंधान निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए. अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने के लिए वैज्ञानिक जांच और फॉरेंसिक टीम की अनिवार्य मदद लेने पर जोर दिया गया. इसके अलावा साक्ष्य संकलन के लिए डिजिटल माध्यमों और ई-साक्ष्य ऐप के सकारात्मक प्रयोग को बढ़ावा देने की बात कही गई.
आंतरिक सुरक्षा और पुलिस आधुनिकीकरण
नए कानूनों के अलावा, बैठक में राज्य की सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर विषयों पर व्यापक चर्चा हुई, जिनमें शामिल हैं, साइबर अपराध, आतंकवाद और ड्रग कंट्रोल, काउंटर टेररिज्म, नशीले पदार्थों की तस्करी, पुलिस आधुनिकीकरण, विदेशी नागरिकों की वैधता और उनसे संबंधित समस्याओं की समीक्षा की गई. इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य और केंद्र के कई अधिकारी मौजूद रहे. जिनमें मुख्य रूप से, डॉ. शाहिल अरोड़ा, आईजी प्रभात कुमार, असीम विक्रांत मिंज, ए. विजयालक्ष्मी डॉ. माईकलराज एस के अलावा गृह विभाग के अधिकारी हिमांशु मोहन उपस्थित थे.

