Lifestyle Desk: इज्जत मांगने की चीज नहीं होती, बल्कि इसे अपने व्यवहार और कर्मों से कमाया जाता है. अक्सर हम यह शिकायत करते हैं कि लोग हमें वह सम्मान नहीं दे रहे जिसके हम हकदार हैं. ऐसे में हम सामने वाले को घमंडी या बदतमीज समझ लेते हैं, जबकि कई बार असली वजह हमारे अपने ही कुछ व्यवहार होते हैं. कई बार हमारे अपने ही कुछ व्यवहार और आदतें दूसरों के नजरिए को प्रभावित करती हैं, जिसकी वजह से लोग हमें वह सम्मान नहीं देते जिसके हम हकदार होते हैं.
दरअसल, हमारा आचरण ही यह तय करता है कि सामने वाला हमारे साथ कैसा व्यवहार करेगा. अगर आपको भी लगता है कि लोग आपकी बातों को गंभीरता से नहीं लेते या अनदेखा करते हैं, तो संभव है कि आप अनजाने में ये 5 गलतियां कर रहे हों.
बात पर कायम न रहना: भरोसा और सम्मान खत्म करने वाली आदत
जिस व्यक्ति पर भरोसा किया जा सके, समाज में उसकी इज्जत स्वाभाविक रूप से होती है.लेकिन जब कोई व्यक्ति बड़े-बड़े वादे तो कर देता है, पर समय आने पर उन्हें निभा नहीं पाता, तो धीरे-धीरे लोगों का उस पर से भरोसा उठने लगता है. ऐसे में उसकी बातों की अहमियत कम हो जाती है और सम्मान भी प्रभावित होता है. इसलिए किसी भी बात के लिए हामी भरने से पहले सोचें, और एक बार वादा कर दिया तो उसे हर हाल में पूरा करने की कोशिश करें.
हर समय उपलब्ध रहने की आदत कैसे कम कर देती है आपकी इज्जत
यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन हर समय दूसरों के लिए उपलब्ध रहना हमेशा आपके सम्मान को बढ़ाता नहीं है. जब कोई व्यक्ति अपनी जरूरतों और प्राथमिकताओं को पीछे रखकर हर किसी के छोटे-बड़े काम के लिए तुरंत तैयार हो जाता है, तो लोग अक्सर इसे उसकी मजबूरी या आदत समझने लगते हैं, न कि उसकी अच्छाई.
इस व्यवहार को मनोविज्ञान में ‘स्कार्सिटी प्रिंसिपल’ से भी जोड़ा जाता है, जिसमें कहा जाता है कि जो चीज या व्यक्ति हर समय आसानी से उपलब्ध हो, उसकी वैल्यू धीरे-धीरे कम होने लगती है. ऐसे में लोग आपकी समय और एनर्जी की कद्र कम करने लगते हैं.
इसलिए जरूरी है कि आप अपनी सीमाएं तय करें, हर बात के लिए तुरंत हां न कहें और जरूरत पड़ने पर ‘ना’ कहना भी सीखें. यही आदत आपको दूसरों की नजरों में ज्यादा सम्मान और वैल्यू दिलाती है.
दूसरों की बुराई या गपशप करना
अगर आप किसी के सामने तीसरे व्यक्ति की बुराई करते हैं, तो सामने वाला व्यक्ति यह सोचने लगता है कि आप उसके बारे में भी इसी तरह बात कर सकते हैं. ऐसे लोग दूसरों के लिए मनोरंजन का साधन तो बन सकते हैं, लेकिन सम्मान की नजर से कम ही देखे जाते हैं. इसलिए किसी की एब्सेंस में उसके बारे में नेगेटिव बातें करने की आदत आपकी इमेज को नुकसान पहुंचा सकती है.
खुद का मजाक बनवाना
विनम्रता और आत्मसम्मान के बीच एक पतली रेखा होती है, जिसे समझना बहुत जरूरी है. कई बार लोग कूल दिखने या माहौल हल्का करने के चक्कर में खुद का मजाक उड़ाते रहते हैं या हर बात पर जरूरत से ज्यादा माफी मांगते हैं. लेकिन जब कोई व्यक्ति खुद को लगातार कम आंकता है, तो लोग भी उसे उसी नजर से देखने लगते हैं. इसलिए आत्मसम्मान बनाए रखना बेहद जरूरी है.
बिना मांगे सलाह देना और अपनी ही तारीफ करना
हर बात में अपनी राय थोपना या बातचीत को हमेशा अपने तक सीमित रख देना सामने वाले व्यक्ति को असहज कर सकता है. जब आप दूसरों को बोलने का पर्याप्त मौका नहीं देते और लगातार अपनी ही बातों पर जोर देते हैं, तो लोग धीरे-धीरे आपसे दूरी बनाने लगते हैं.
ALSO READ: टोल प्लाजा पर बड़ा बदलाव: आज से नकद भुगतान बंद, यूपीआई से देना होगा अतिरिक्त शुल्क
असल में सम्मान उसी व्यक्ति को मिलता है जो दूसरों को ध्यान से सुनता है और जरूरत पड़ने पर ही अपनी राय या सुझाव देता है. बातचीत में संतुलन और समझदारी ही रिश्तों को मजबूत बनाती है.
