Hazaribagh: जिले के गिद्दी-सी चेकपोस्ट पर हुई फायरिंग की घटना का हजारीबाग पुलिस ने खुलासा करते हुए राहुल दुबे गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को जिले के गिद्दी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं. मामले के अनुसंधान के लिए गठित SIT की कार्रवाई में यह सफलता मिली है. जानकारी के अनुसार 2 जून 2026 गिद्दी-सी चेकपोस्ट पर राहुल दुबे गिरोह के सदस्यों द्वारा एक बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग की गई थी. इस संबंध में गिद्दी-सी थाना में काड संख्या-13/26 दर्ज किया गया था. मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1)/3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

कांड की गंभीरता को देखते हुए बनी SIT
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया. टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश तेज की. अनुसंधान के दौरान मिली गुप्त सूचना के आधार पर राहुल दुबे गिरोह के सक्रिय सदस्य मो. वारिस को उसके गिद्दी स्थित घर से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. पूछताछ के क्रम में उसने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली और फायरिंग करने की बात कबूल की.
निशानदेही पर हथियार बरामद
गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त हथियार और कारतूस बरामद किए है. बरामद हथियार में 7.62 एमएम का एक देसी पिस्तौल और 7.62 एमएम के दो जिंदा कारतूस शामिल है. पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस फायरिंग कांड में मो. वारिस के अलावा गिरोह के दो अन्य सदस्य भी शामिल थे. दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.
आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मो. वारिस के खिलाफ हजारीबाग जिले के विभिन्न थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं. इनमें आर्म्स एक्ट, मारपीट, लूट, चोरी और अन्य संगीन धाराओं के मामले शामिल हैं. इसके खिलाफ प्रमुख दर्ज मामलों में कटकमदाग थाना कांड संख्या 92/2020, बड़कागांव थाना कांड संख्या 100/2020, बड़कागांव थाना कांड संख्या 258/2021, बड़कागांव थाना कांड संख्या 255/2021, उरीमारी थाना कांड संख्या 73/2025, उरीमारी थाना कांड संख्या 49/2025, गिरीडीह थाना कांड संख्या 111/2024 आदि शामिल है.
SIT में शामिल अधिकारी
इस कांड के खुलासे के लिए गठित एसआईटी में कई पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे. टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) अमित आनंद कर रहे थे. टीम में पुलिस निरीक्षक मो. शाहिद रजा, थाना प्रभारी मो. इकबाल हुसैन, ओपी प्रभारी ऋषि उरांव सहित गिद्दी थाना और उरीमारी ओपी के पुलिसकर्मी शामिल रहे.
