न्यूज वेव खासः घोटाला बड़े करें और आधार-पैन छोटे बाबू दिखाए, वेतन के लिए अब अग्निपरीक्षा से गुजरेंगे राज्य के कर्मचारी, जितना न्यूज वेव  संवाददाता ने सचिवालय को जाना और समझा

रांची: कहते हैं गेहूं के साथ घुन भी पिसता है, लेकिन झारखंड के सरकारी तंत्र में आजकल घोटाले के साथ पगार भी...

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रांची: कहते हैं गेहूं के साथ घुन भी पिसता है, लेकिन झारखंड के सरकारी तंत्र में आजकल घोटाले के साथ पगार भी पिस रही है. ट्रेजरी में हुए हालिया खेल के बाद सरकार की नींद ऐसी खुली है कि अब वह अपने ही वफादार सिपाहियों को शक की निगाह से देख रही है. आलम यह है कि जिस हाथ से कर्मचारी फाइलें निपटाते थे, अब उसी हाथ में अपना कैरक्टर सर्टिफिकेट (दस्तावेज) लेकर कतार में खड़े हैं, ताकि महीने के अंत में उनके रसोई का चूल्हा जल सके. वित्त विभाग ने फरमान जारी किया है कि जब तक डीडीओ आपकी कुंडली नहीं खंगाल लेंगे, तब तक वेतन का दर्शन दुर्लभ होगा.

दस्तावेज नहीं, ये साख का सवाल है

सिर्फ जानकारी लिखने से पेट नहीं भरेगा. सरकार ने साफ कर दिया है कि लिखापढ़ी के साथ सबूत भी चाहिए. कर्मचारियों को अब अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक के पहले पन्ने या कैंसिल चेक की फोटोकॉपी का चढ़ावा चढ़ाना होगा. एक कर्मचारी ने दबी जुबान में कहा, साहब, घोटालेबाज तो दरवाजे से निकल गए, अब हम खिड़की से अपनी पहचान दिखा रहे हैं ताकि घर का राशन उधार न लेना पड़े. फिलहाल, राज्य के हजारों कर्मचारी अपने ही ऑफिस में विदेशी महसूस कर रहे हैं, जहां उन्हें हर टेबल पर अपनी नागरिकता और कर्मचारी होने का प्रमाण देना पड़ रहा है. अब देखना यह है कि सत्यापन का यह महायज्ञ कब संपन्न होता है और कब कर्मचारियों के मोबाइल पर वह जादुई मैसेज गिरता है.

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11 बिंदुओं की जिरह  और 3 सबूतों का पहरा

  • सिस्टम की शुचिता का आलम यह है कि अब कर्मचारी को साबित करना होगा कि वह वही है, जिसका नाम पे-रोल पर है. वित्त विभाग के आदेश के बाद अब हर सरकारी सेवक को 11 बिंदुओं पर अपनी मदद खुद करनी होगी.
  • डीडीओ के पास जमा होने वाले इस सत्यता परीक्षण के फॉर्म में कर्मचारियों से जो जानकारियां मांगी गई हैं, वे किसी जासूसी उपन्यास के इनपुट से कम नहीं हैं.
  • नाम, पदनाम और जन्म तिथि ताकि सरकार आश्वस्त हो सके कि कर्मचारी अभी रिटायर या गायब नहीं हुआ है.
  • मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी ताकि भविष्य में अलर्ट भेजा जा सके.
  • जीपीएफ  नंबर, पैन, बैंक अकाउंट नंबर और आइएफएससी  कोड.
  • आधार नंबर और नियुक्ति की तिथि.

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