स्कूल रुआर कार्यक्रम को लेकर कार्यशाला , हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने पर जोर

Giridih: जिले में शिक्षा के स्तर को मजबूत करने और हर बच्चे को विद्यालय से जोड़ने के उद्देश्य से नगर भवन में...

Giridih: जिले में शिक्षा के स्तर को मजबूत करने और हर बच्चे को विद्यालय से जोड़ने के उद्देश्य से नगर भवन में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री रामनिवास यादव ने की. उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया.

15 से 30 अप्रैल तक चलेगा स्कूल रुआर कार्यक्रम

कार्यशाला में 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चलने वाले स्कूल रुआर (RUAR) कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में नामांकन बढ़ाना, विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है.

कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे: उपायुक्त

उपायुक्त श्री रामनिवास यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्कूल रुआर कार्यक्रम सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे. उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और गांव-गांव तक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए.

घर-घर संपर्क और नामांकन पर रहेगा विशेष जोर

उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को संवारने का एक सशक्त माध्यम है. 15 से 30 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान के दौरान घर-घर संपर्क, अभिभावकों से संवाद, विशेष जागरूकता रैली, नामांकन शिविर और ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः स्कूल से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा.

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अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियां

कार्यशाला में कार्यक्रम की रूपरेखा, कार्ययोजना, गतिविधियों की समय-सारणी और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करें.

शिक्षा विकास की नींव, नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश

उपायुक्त ने शिक्षा की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी समाज के विकास की नींव शिक्षा होती है. उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि समय रहते आवश्यक सुधार किए जा सकें. साथ ही उन्होंने विद्यालयों में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी बल दिया, जिससे अभिभावकों का विश्वास बढ़ सके.

अधिकारियों ने दिए सुझाव, सफलता का भरोसा

कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों ने भी अपने सुझाव साझा किए और कार्यक्रम को सफल बनाने का भरोसा दिलाया. शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी.

ये रहे मौजूद अधिकारी और पदाधिकारी

इस अवसर पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती अंजना भारती, जिला शिक्षा पदाधिकारी वसीम अहमद, जिला शिक्षा अधीक्षक मुकुल राज सहित विभिन्न प्रखंडों के बीडीओ, शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.

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