Ranchi : झारखंड के राज्यसभा चुनाव में जहां एक-एक वोट के लिए सियासी अंकगणित और जोड़-तोड़ का खेल चरम पर है. वहीं निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने इस पूरे मुकाबले को एक नया और बेहद दिलचस्प मोड़ दे दिया है. 4 विधायकों की कमी के गणितीय दबाव को दरकिनार करते हुए नाथवानी ने ‘नंबर्स गेम’ की जगह अपने ‘काम के रिपोर्ट कार्ड’ को आगे कर दिया है.

‘मैं आंकड़ों की राजनीति नहीं करता, मुझे काम पर भरोसा’
नामांकन दाखिल करने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए परिमल नाथवानी बेहद आत्मविश्वास से लबरेज नजर आए. जब पत्रकारों ने उनसे जीत के लिए जरूरी 28 वोटों और वर्तमान में एनडीए के 24 विधायकों के समीकरण (4 वोटों की कमी) पर सवाल पूछा, तो उन्होंने साफ कहा कि मैं आंकड़ों की उलझन भरी बात नहीं करता. राजनीति सिर्फ जोड़-तोड़ का नाम नहीं है. मुझे पूरा विश्वास है कि मेरी जीत होगी और सदन में पहुंचने के लिए मुझे हर वर्ग और दल का सहयोग मिलेगा.
झारखंड के विकास का हवाला : ‘दो टर्म से भी ज्यादा रफ्तार से करेंगे काम’
नाथवानी ने सीधे तौर पर झारखंड की जनता और यहां के जनप्रतिनिधियों के साथ अपने पुराने जुड़ाव को जीत का मुख्य आधार बताया. उन्होंने अपनी मजबूत दावेदारी पेश करते हुए कहा कि झारखंड के लिए उन्होंने पिछले दो टर्म (कार्यकाल) में जो काम किए हैं. वे सबके सामने हैं. उन्होंने राज्य में विश्वस्तरीय हॉस्पिटल बनवाने से लेकर सामाजिक और बुनियादी ढांचे के विकास में बड़ा योगदान दिया है. नाथवानी ने हुंकार भरते हुए कहा कि इस बार अगर मुझे मौका मिलता है, तो मैं पिछले दो टर्म से भी कहीं ज्यादा रफ्तार और शिद्दत के साथ झारखंड के विकास के लिए काम करूंगा.
