सरायकेला: जिले के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र स्थित स्वर्णरेखा नदी में अवैध बालू खनन को लेकर तिरुलडीह पंचायत के मुखिया सुधीर सिंह मुंडा ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. इसकी प्रतिलिपि राज्य के पुलिस महानिदेशक, कोल्हान पुलिस उप-महानिरीक्षक, उपायुक्त और जिला खनन पदाधिकारी को भी भेजी गई है.


पहले भी हो चुका है खूनी संघर्ष
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ईचागढ़ थाना क्षेत्र के डुमटांड़ में अवैध बालू खनन को लेकर जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष तरुण महतो, पुलिस और बालू माफियाओं के बीच खूनी संघर्ष हुआ था. इस घटना में तरुण महतो और दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. तरुण महतो की पत्नी भानुमति महतो ने मामले की लिखित शिकायत राष्ट्रपति को भेजी थी. जांच के बाद दोषी पाए जाने पर ईचागढ़ थाना प्रभारी विक्रम आदित्य पांडे और तिरुलडीह थाना प्रभारी अविनाश कुमार को लाइन क्लोज कर दिया गया था.
वर्तमान थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप
मुखिया सुधीर सिंह मुंडा ने आरोप लगाया है कि तिरुलडीह थाना क्षेत्र के तिरुलडीह गांव के आसपास स्वर्णरेखा नदी से अवैध बालू उठाव में तिरुलडीह थाना प्रभारी कौशल कुमार, पश्चिम बंगाल के कुछ माफिया तत्व और स्थानीय माफिया शामिल हैं. उनके संरक्षण और मिलीभगत से हाईवा और ट्रकों के माध्यम से अवैध रूप से बालू का उठाव किया जा रहा है. यह गतिविधि मुख्य रूप से तिरुलडीह पुल और सिरकाडीह श्मशान घाट के पास संचालित हो रही है.
ग्रामीणों की जान को खतरा
अवैध बालू उठाव के कारण भारी वाहनों की आवाजाही से तिरुलडीह नदी पर बने ग्रामीण पुल की स्थिति जर्जर हो गई है. मुखिया के अनुसार, इन गतिविधियों के कारण कई ग्रामीणों की जान भी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है.
अभद्र व्यवहार और धमकी का आरोप
मुखिया ने आरोप लगाया कि 16 फरवरी को जब वे इस मामले की शिकायत लेकर थाना प्रभारी के पास पहुंचे, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने उन्हें अपमानजनक शब्द कहे, गालियां दीं और झूठे मामले में जेल भेजने की धमकी दी. साथ ही कथित रूप से समझौते के लिए पैसे लेने का भी प्रस्ताव दिया गया.
उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
मुखिया ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि अवैध खनन पर रोक लगाना आवश्यक है ताकि भविष्य में जान-माल की क्षति न हो और राज्य के राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

