Gumla: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के आलोक में रायडीह अंचल अंतर्गत “आपन जमीन, आपन अधिकार” शिविर (पायलट प्रोजेक्ट) का 15 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया. यह शिविर भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण तथा उससे संबंधित त्रुटियों के त्वरित निष्पादन के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है, ताकि आमजनों को उनकी भूमि से संबंधित सेवाएं सरल, सुलभ और पारदर्शी तरीके से मिल सकें.
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की भागीदारी
शिविर का आयोजन कांसिर पंचायत के पंचायत भवन में किया गया, जिसमें अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक, अंचल अधिकारी रायडीह सहित संबंधित पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे. पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली.
पहले दिन 40 आवेदन, कई का ऑन-स्पॉट निष्पादन
प्रथम दिन कुल 40 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 12 आवेदनों को विधिवत जमा किया गया. प्राप्त आवेदनों में मुख्य रूप से रकबा सुधार, नाम सुधार और प्लॉट विवरण में सुधार से जुड़े मामले शामिल थे. कई मामलों में प्राथमिक सत्यापन करते हुए ऑन-स्पॉट निष्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जबकि शेष मामलों के त्वरित निष्पादन की कार्रवाई जारी है.
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डिजिटलीकरण पर दिया गया जोर
अपर समाहर्ता ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण वर्तमान समय की आवश्यकता है. इससे भविष्य में विवाद और त्रुटियों से बचा जा सकता है. उन्होंने रैयतों से अपील की कि वे अपने सभी लंबित भूमि संबंधी कार्यों को इस शिविर के माध्यम से अद्यतन और डिजिटाइज करवा लें.
इन सेवाओं का मिल रहा लाभ
इस अभियान के तहत ऑनलाइन खतियान और डिजिटाइज्ड जमाबंदी से संबंधित त्रुटियों का सुधार, रैयत के नाम और पता में संशोधन, प्लॉट संख्या और रकबा में सुधार, भूमि के प्रकार से संबंधित त्रुटियों का निराकरण तथा छूटे हुए जमाबंदी की ऑनलाइन प्रविष्टि जैसे कार्य किए जा रहे हैं.
निर्धारित कार्यक्रम के तहत होगा निष्पादन
ज्ञात हो कि यह शिविर 15 और 16 अप्रैल 2026 को विभिन्न राजस्व ग्रामों में आयोजित किया जा रहा है. इसके बाद 17 अप्रैल से 23 अप्रैल तक प्राप्त आवेदनों का निष्पादन किया जाएगा और 24 अप्रैल 2026 को शेष कार्यों को पूरा कर शिविर का समापन किया जाएगा.
प्रशासन ने की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविर में भाग लेकर अपनी भूमि से संबंधित समस्याओं का समाधान कराएं और “आपन जमीन, आपन अधिकार” अभियान को सफल बनाएं.
