रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में जेटेट नियमावली को लेकर गंभीर मंथन हुआ. जानकारी के अनुसार, कैबिनेट की बैठक के दौरान जैसे ही जेटेट नियमावली का प्रस्ताव चर्चा के लिए आया, मंत्री राधा कृष्ण किशोर और मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस पर अपनी गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं. दोनों मंत्रियों का तर्क था कि वर्तमान स्वरूप में यह नियमावली छात्रों के एक बड़े वर्ग के साथ न्याय नहीं कर पाएगी.
क्या है आपत्ति?
क्षेत्रीय भाषाओं का विवाद: नियमावली में क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं की प्राथमिकता को लेकर असंतोष.
पात्रता के मानक: परीक्षा में शामिल होने के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और उम्र सीमा को लेकर मंत्रियों ने बदलाव की मांग की है.
स्थानीय नीति का पेच: मंत्रियों का मानना है कि जब तक स्थानीयता और नियोजन नीति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती, तब तक जेटेट की जल्दबाजी छात्रों के हित में नहीं होगी.
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