Ranchi: झारखंड सरकार द्वारा किए गए प्रशासनिक फेरबदल के बाद राज्य के सभी 24 जिलों की कमान अब नए चेहरों और अनुभवी हाथों में है. इस नई व्यवस्था की सबसे दिलचस्प बात यह है कि जहां राज्य के 20 जिलों की जिम्मेदारी डायरेक्ट आईएएस अधिकारियों के पास है, वहीं 4 महत्वपूर्ण जिलों की कमान सरकार ने प्रमोटी आईएएस अधिकारियों को सौंपी है. शासन के इस संतुलन को फील्ड के अनुभव और युवा ऊर्जा के मेल के तौर पर देखा जा रहा है.
इन 4 चेहरों पर सरकार का भरोसा
राज्य सरकार ने जमीनी स्तर के प्रशासनिक अनुभव को प्राथमिकता देते हुए चार प्रमोटी आईएएस अधिकारियों को जिला उपायुक्त के रूप में तैनात किया है.
गुमला में दिलेश्वर महतो को जिम्मेदारी
दिलेश्वर महतो. इन्हें गुमला का नया उपायुक्त नियुक्त किया गया है. 2015 बैच के अधिकारी महतो इससे पहले गुमला में ही उप विकास आयुक्त के पद पर तैनात थे, जिसका लाभ उन्हें जिले की भौगोलिक और प्रशासनिक समझ के तौर पर मिलेगा.
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पूर्वी सिंहभूम में राजीव रंजन को कमान
राजीव रंजन. जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) जैसे औद्योगिक और संवेदनशील जिले की कमान 2013 बैच के राजीव रंजन को सौंपी गई है. वे इससे पहले मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग में विशेष सचिव के पद पर थे.
सिमडेगा में कंचन सिंह की भूमिका
कंचन सिंह. सिमडेगा की कमान कंचन सिंह के हाथों में है, जहां वे जिले के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं.
बोकारो में अजय नाथ झा को जिम्मेदारी
अजय नाथ झा. बोकारो जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक जिले की कमान अजय नाथ झा संभाल रहे हैं, जो सरकार के भरोसेमंद चेहरों में गिने जाते हैं.
20 जिलों में डायरेक्ट IAS का दबदबा
दूसरी ओर, राज्य के 20 अन्य जिलों में सीधी भर्ती के आईएएस अधिकारियों को तैनात किया गया है. इसमें हजारीबाग में हेमंत सती, पलामू में दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, और रामगढ़ में ऋतुराज जैसे युवा अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है.
