बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमले जारी, कीर्तन से अगवा कर दिव्यांग महिला से गैंगरेप

Desk: बांग्लादेश में चुनाव और नई BNP सरकार के गठन के एक सप्ताह बाद अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को लेकर एक और गंभीर...

Desk: बांग्लादेश में चुनाव और नई BNP सरकार के गठन के एक सप्ताह बाद अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को लेकर एक और गंभीर घटना सामने आई है. चांदपुर जिले में 25 वर्षीय एक हिंदू महिला के साथ कथित तौर पर अपहरण के बाद सामूहिक दुष्कर्म किया गया. बताया जा रहा है कि पीड़िता शारीरिक रूप से दिव्यांग है. घटना रविवार 22 फरवरी की रात की बताई जा रही है.

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कीर्तन से किया गया अपहरण

रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला को एक कीर्तन कार्यक्रम से अगवा किया गया. इसके बाद तीन लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया. फिलहाल पीड़िता का अस्पताल में इलाज चल रहा है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, महिला ने आरोपियों की पहचान कर ली है, हालांकि अब तक उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है.

बीते महीनों में बढ़ी हिंसा की घटनाएं

रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले एक वर्ष में बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं. दिसंबर 2025 की शुरुआत से जनवरी 2026 के बीच कम से कम 11 से 15 हिंदुओं की हत्या की खबरें आईं. इन घटनाओं में लिंचिंग, चाकूबाजी और गोलीबारी जैसी वारदातें शामिल रहीं.

कुछ मामलों में ईशनिंदा के आरोपों का हवाला दिया गया, जबकि कुछ घटनाएं विरोध के बाद भीड़ हिंसा में बदल गईं. कुछ रिपोर्ट्स में हमलावरों के इस्लामिक समूहों से जुड़े होने की बात कही गई, हालांकि कई मामलों में आरोपियों की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है.

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पूर्व की घटनाओं ने भी बढ़ाई चिंता

18 दिसंबर 2025 को मैमनसिंह में कपड़ा मजदूर दीपू चंद्र दास की लिंचिंग की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ाई थी. 5 जनवरी 2026 को जेसोर में एक हिंदू अखबार के संपादक राणा कांति बैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. नरसिंगडी में मणि चक्रवर्ती पर चाकू से हमला किया गया, जबकि ढाका के दक्षिण में व्यवसायी खोकन चंद्र दास की हत्या कर दी गई थी.

इन घटनाओं के बाद भारत समेत विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी हुए थे. मामले को लेकर मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें बांग्लादेश की स्थिति पर टिकी हुई हैं.

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