Ranchi: रांची जिले के रातू के चटकपुर में दो दिन पहले करीब 90 CFT बालू का गलत तरीके से उठाव कर लिया गया. इस बालू को खुद विभाग ने छापेमारी में जब्त किया था और रातू थाना को सीजर रिपोर्ट सौंपा था. इससे संबंधित कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वायरल वीडियो में साफ तौर से देखा जा सकता है कि बालू उठाव के वक्त वहां रांची के DMO अबु हुसैन मौके पर मौजूद थे. मीडिया में खबरें चलने के बाद विभाग ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया.
मामले की होगी जांचः MD
इस मामले पर न्यूजवेभ ने खनन विभाग के एमडी राहुल सिन्हा से बात की. उन्होंने कहा कि विभाग मामले को काफी गंभीरता से ले रहा है. किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले विभाग मामले की गंभीरता पूर्वक जांच करेगा. उसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंच पाएंगे.

क्या है पूरा मामला
रातू के चटकपुर में बासुदेव पंडित और प्रवीण प्रजापति अवैध स्टॉक यार्ड बनाकर बालू का स्टॉक किए हुए थे. इस सूचना पर डीएमओ अबु हुसैन ने 12 मई को शाम में छापेमारी की. इस दौरान स्टॉक यार्ड के पास कोई नहीं मिला. उन्होंने इसकी सूचना रातू थानेदार को दी और बालू जब्त करने को कहा. थाना से एक सिपाही को जब्त स्थल पर भेजा गया. लेकिन, उसी रात करीब 11 बजे से सुबह 4 बजे तक 15 हाइवा से जब्त बालू का उठाव होने लगा. इसकी सूचना मिलते ही बालू कारोबारी सहित स्थानीय लोग मौके पर और बालू उठाव का विरोध किया. वहां डीएमओ भी पहुंचे. ग्रामीण बालू ले जाने की वजह जानने पर अड़ गए. डीएमओ ने कहा कि जब्त बालू सरकारी संपत्ति है, इसलिए उसे अपने कब्जे में लिया गया है. हंगामे के बाद डीएमओ और पुलिसकर्मी ग्रामीणों को चेतावनी देकर चले गए.
क्या कहता है नियम
दरअसल, चटकपुर में जब्त बालू खनन विभाग की संपत्ति थी. किसी भी खनिज संपदा को जब्त करने के बाद उसकी निलामी की जाती है. निलाम के दौरान जिस किसी को भी बालू निलामी में मिलता है, वो उसका हकदार होता है. लेकिन यहां नियम और कानून को ताक पर रखकर डीएमओ अबु हुसैन ने जबरन अपने कुछ लोगों के साथ मिलकर रात के अंधेरे में बालू का उठाव कर लिया.
