Ranchi: पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने विपक्षी दलों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विपक्ष पर निशाना साधा है. उन्होंने कांग्रेस, झामुमो, टीएमसी और सपा जैसी पार्टियों को सीधे तौर पर महिला सशक्तिकरण की राह में बाधा करार दिया. कहा कि इन दलों का इतिहास महिलाओं के अधिकारों को रोकने का रहा है, जिसे देश और झारखंड की जनता कभी भुला नहीं पाएगी.
सम्मान से सशक्तिकरण तक
रघुवर दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं के जीवन में बुनियादी बदलाव किए हैं. स्वच्छता अभियान के तहत करोड़ों शौचालयों का निर्माण कर महिलाओं को सम्मान के साथ जीने का हक दिया. मुद्रा योजना के जरिए महिलाओं को उद्यमी बनाकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा किया. आज सेना से लेकर खेल के मैदान तक बेटियां देश का गौरव बढ़ा रही हैं, जो केंद्र की दूरदर्शी सोच का परिणाम है.
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नारी शक्ति वंदन विधेयक
पूर्व सीएम ने विपक्षी दलों को घेरते हुए कहा कि जब 2023 में लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन विधेयक लाया गया, तब जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति करने वाले दलों ने इसमें रोड़े अटकाए. विपक्ष ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक का विरोध कर यह साबित कर दिया कि वे नहीं चाहते कि महिलाएं नीति-निर्धारण की मुख्यधारा में आएं. यदि यह विधेयक सुचारू रूप से आगे बढ़ता, तो 2029 तक देश की तस्वीर बदल चुकी होती. जनगणना और परिसीमन एक अनिवार्य प्रक्रिया है, जिसमें समय लगता है. सरकार की मंशा सीटों की संख्या बढ़ाकर आरक्षण लागू करने की थी ताकि किसी भी वर्ग का अहित न हो, लेकिन विपक्ष ने इसे अपनी संकीर्ण राजनीति की भेंट चढ़ा दिया.
बंगाल चुनाव पर असर
जब मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या इस मुद्दे का असर आगामी पश्चिम बंगाल चुनाव या अन्य चुनावों पर पड़ेगा, तो रघुवर दास ने कहा, यह केवल बंगाल की बात नहीं है, बल्कि पूरे देश की आधी आबादी अब जागरूक हो चुकी है. कांग्रेस, राजद, टीएमसी और झामुमो का महिला विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है और महिलाएं अपने वोट की ताकत से इसका करारा जवाब देंगी.
