Pakur: जिला कांग्रेस भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष श्रीकुमार सरकार ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण बिल के बहाने राजनीति करने का आरोप लगाया. इस अवसर पर कांग्रेस नेत्री मंजुला हांसदा और महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष शहनाज बेगम भी उपस्थित थीं.
परिसीमन और जनगणना को लेकर आरोप
जिला अध्यक्ष श्रीकुमार सरकार ने कहा कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण बिल को सामने रखकर असल में परिसीमन और जनगणना जैसे मुद्दों को अपने पक्ष में भुनाना चाहती है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा महिलाओं को तुरंत अधिकार देने की नहीं, बल्कि आगामी चुनावों में राजनीतिक लाभ लेने की है.
ओबीसी और वंचित वर्ग के लिए कोटा की मांग
सरकार ने जोर देकर कहा कि महिला आरक्षण में ओबीसी, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए अलग से कोटा निर्धारित होना चाहिए. उन्होंने मांग की कि पहले जाति आधारित जनगणना हो और फिर परिसीमन के आधार पर महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व मिले. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला सशक्तिकरण की पक्षधर रही है.
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2029 तक लागू करने की बात
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि 2029 के चुनावों में ही 33% आरक्षण लागू हो, लेकिन इसमें पिछड़ों और वंचितों का हक मारा न जाए.
कांग्रेस नेत्रियों ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेत्री मंजुला हांसदा ने कहा कि देश भर की महिलाएं इस बिल से काफी उम्मीदें लगाए बैठी थीं, लेकिन जिस तरह से इसे पेचीदा बनाया गया है, उससे ऐसा लगता है कि यह केवल अमीरों की राजनीति का जरिया बनकर रह जाएगा. उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द से जल्द पारदर्शी तरीके से इसे लागू करे.
पीएम और गृहमंत्री पर कटाक्ष
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे विपक्ष पर बिल रोकने का गलत आरोप लगा रहे हैं. सरकार को चाहिए कि वह श्रेय लेने की राजनीति छोड़कर महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार दे.
जनता के बीच संदेश
इस प्रेस वार्ता के माध्यम से कांग्रेस ने पाकुड़ जिले में महिला आरक्षण के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए आगामी चुनावों के लिए जनता के बीच अपनी बात रखी.
